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102 किलो गांजा कंटेनर से बरामद
Updated Mon, 19 Mar 2018 02:15 AM IST
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रोहनिया (वाराणसी)।
जमुआ तिराहा से शनिवार की रात पुलिस ने एक कंटेनर से 102 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसके साथ ही कंटेनर और उसके आगे चल रही इनोवा से दो लोगों को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया गया। दोनों की शिनाख्त सीतापुर जिले के सिधौली थाना के खखलिया निवासी रामेश्वर कुशवाहा और अमरोहा जिले के भूड़चौकी निवासी कादिर खान के तौर पर हुई है।
प्रभारी निरीक्षक रोहनिया श्रीप्रकाश गुप्ता ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कंटेनर और उसके आगे इनोवा जमुआ बाजार की ओर से राजातालाब आ रही है। इस सूचना पर एसआई बृजेश कुमार राय को लेकर जमुआ तिराहे पर घेरेबंदी की गई। इनोवा और उसके पीछे कंटेनर आता दिखा तो उसे रुकने का इशारा किया गया। इस बीच इनोवा और कंटेनर से दो लोग कूद कर भाग निकले और दो पकड़े गए। दोनों ने बताया कि वो मध्य प्रदेश से मिर्जापुर होते हुए गांजा लेकर आ रहे थे। गांजा की यह खेप बनारस और आसपास के जिलों में खपाई जानी थी।
सभी भांग ठेका पर खुलेआम बिकता है गांजा
वाराणसी। जिले भर में भांग के 88 ठेके हैं। इन सभी ठेका पर 30, 35, 60, 70 और 140 रुपये पुड़िया की दर से गांजा खुलेआम बिकता है। गांजा बेचने के एवज में थानेदारों, चौकी प्रभारियों, फैंटम दस्ते के सिपाहियों और बीट आरक्षियों को प्रतिमाह निर्धारित रकम ठेका संचालक द्वारा पहुंचाई जाती है। बनारस में मध्य प्रदेश, बिहार और असम से गांजा तस्करी कर लाया जाता है। इसके साथ ही यहां से पूर्वांचल के अन्य जिलों को भी सप्लाई की जाती है। पुलिस कभी-कभार अपनी पीठ थपथपाने के लिए गांजा की खेप पकड़ लेती है मगर जिन भांग ठेका से उसे प्रतिमाह निर्धारित रकम मिलती है वहां कभी छापामारी या कार्रवाई नहीं की जाती। ऐसे में यह जायजा लगाया जा सकता है कि गांजा की तस्करी और बिक्री को रोकने के लिए जिले की पुलिस कितनी गंभीर है।
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जमुआ तिराहा से शनिवार की रात पुलिस ने एक कंटेनर से 102 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसके साथ ही कंटेनर और उसके आगे चल रही इनोवा से दो लोगों को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया गया। दोनों की शिनाख्त सीतापुर जिले के सिधौली थाना के खखलिया निवासी रामेश्वर कुशवाहा और अमरोहा जिले के भूड़चौकी निवासी कादिर खान के तौर पर हुई है।
प्रभारी निरीक्षक रोहनिया श्रीप्रकाश गुप्ता ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कंटेनर और उसके आगे इनोवा जमुआ बाजार की ओर से राजातालाब आ रही है। इस सूचना पर एसआई बृजेश कुमार राय को लेकर जमुआ तिराहे पर घेरेबंदी की गई। इनोवा और उसके पीछे कंटेनर आता दिखा तो उसे रुकने का इशारा किया गया। इस बीच इनोवा और कंटेनर से दो लोग कूद कर भाग निकले और दो पकड़े गए। दोनों ने बताया कि वो मध्य प्रदेश से मिर्जापुर होते हुए गांजा लेकर आ रहे थे। गांजा की यह खेप बनारस और आसपास के जिलों में खपाई जानी थी।
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सभी भांग ठेका पर खुलेआम बिकता है गांजा
वाराणसी। जिले भर में भांग के 88 ठेके हैं। इन सभी ठेका पर 30, 35, 60, 70 और 140 रुपये पुड़िया की दर से गांजा खुलेआम बिकता है। गांजा बेचने के एवज में थानेदारों, चौकी प्रभारियों, फैंटम दस्ते के सिपाहियों और बीट आरक्षियों को प्रतिमाह निर्धारित रकम ठेका संचालक द्वारा पहुंचाई जाती है। बनारस में मध्य प्रदेश, बिहार और असम से गांजा तस्करी कर लाया जाता है। इसके साथ ही यहां से पूर्वांचल के अन्य जिलों को भी सप्लाई की जाती है। पुलिस कभी-कभार अपनी पीठ थपथपाने के लिए गांजा की खेप पकड़ लेती है मगर जिन भांग ठेका से उसे प्रतिमाह निर्धारित रकम मिलती है वहां कभी छापामारी या कार्रवाई नहीं की जाती। ऐसे में यह जायजा लगाया जा सकता है कि गांजा की तस्करी और बिक्री को रोकने के लिए जिले की पुलिस कितनी गंभीर है।
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