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स्वच्छता एप रैकिंग में 44वें पायदान पर काशी
Updated Fri, 08 Dec 2017 02:13 AM IST
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वाराणसी। स्वच्छता सर्वे 2016 में देश में 32वें और सूबे में अव्वल स्थान पर उपस्थिति दर्ज कराने वाली काशी स्वच्छता एप रैकिंग में फिलहाल पिछड़ गई है। नवंबर में 31वें स्थान पर रहने वाला बनारस दिसंबर 44वें पायदान पर पहुंच गया है। इसकी वजह नागरिकों द्वारा स्वच्छता एप का उपयोग न करना है। पिछले साल गंदगी और कूड़े की समस्या को दूर करने के लिए 23 हजार से अधिक स्वच्छता एप डाउनलोड कराए गए थे। इसमें सिर्फ तीन हजार नागरिक ही इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
अपने शहर की स्वच्छता के प्रति नागरिकों में जागरूकता और सक्रियता की कमी के चलते एप रैकिंग में बनारस पिछड़ गया है जबकि कानपुर और सहारनपुर आगे निकल गए हैं। जनवरी में फिर से स्वच्छता सर्वे होने जा रहा है। इसके लिए स्वच्छता एप डाउनलोड कराया जा रहा है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि स्वच्छता सर्वे से पहले स्वच्छता एप रैकिंग सुधारने की जरूरत है। यह तभी संभव होगा जब शहर की जनता जागरूक होगी और लोग एप के जरिए समस्याओं को जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि जायका सहित कई स्वयंसेवी संगठनों को लगाया गया है, जो लोगों को जागरूक करने के साथ ही स्वच्छता एप डाउनलोड करा रहे हैं। बताया कि इस महीने के अंत तक 25 हजार लोगों को एप से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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अपने शहर की स्वच्छता के प्रति नागरिकों में जागरूकता और सक्रियता की कमी के चलते एप रैकिंग में बनारस पिछड़ गया है जबकि कानपुर और सहारनपुर आगे निकल गए हैं। जनवरी में फिर से स्वच्छता सर्वे होने जा रहा है। इसके लिए स्वच्छता एप डाउनलोड कराया जा रहा है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि स्वच्छता सर्वे से पहले स्वच्छता एप रैकिंग सुधारने की जरूरत है। यह तभी संभव होगा जब शहर की जनता जागरूक होगी और लोग एप के जरिए समस्याओं को जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि जायका सहित कई स्वयंसेवी संगठनों को लगाया गया है, जो लोगों को जागरूक करने के साथ ही स्वच्छता एप डाउनलोड करा रहे हैं। बताया कि इस महीने के अंत तक 25 हजार लोगों को एप से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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