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नो इंट्री में घुसे ट्रैक्टर ने छात्र को कुचला, मौत
Updated Thu, 19 Oct 2017 01:54 AM IST
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वाराणसी। नो इंट्री में घुसे गिट्टी लदे ट्रैक्टर ने बुधवार सुबह विनायका में कक्षा छह के छात्र अंकित सोनकर (12) को कुचल दिया। अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर लेकर नशे में धुत चालक भागने लगा तो इलाकाई लोगों ने कोल्हुआ चौराहे पर उसे रोक लिया। चालक भाग निकला तो ट्रैक्टर पर मौजूद मजदूर राजू को पीटने के बाद लोगों ने किरहिया-जिवधीपुर मार्ग जाम कर दिया।
सूचना के लगभग एक घंटे बाद पहुंची भेलूपुर पुलिस गुस्साए लोगों को शांत कराने में असफल रही। लगभग दो घंटे बाद एसीएम प्रथम ने घोषणा की कि सरकारी राजकोष से पांच लाख रुपये की मदद दिलाई जाएगी और ट्रैक्टर मालिक जिवधीपुर निवासी ब्रह्मानंद ने 10 लाख रुपये देने का वादा किया तो जाम खत्म हुआ। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सुदामापुर निवासी ठेकेदार चमनलाल सोनकर के दो बेटे और दो बेटियों में सबसे छोटा अंकित सीएचएस में पढ़ता था। बुधवार की सुबह वह अपने दोस्त सौरभ के साथ सीएचएस के मैदान में खेलने गया था। वापसी के दौरान अंकित साइकिल चला रहा था और सौरभ पीछे बैठा था। विनायका स्थित साईं मंदिर के समीप पहुंचते ही संकरा रास्ता देख सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर को रुकने के लिए अंकित ने आवाज लगाई और चालक को इशारा भी किया। मगर, चालक पर अंकित की बातों का कोई असर नहीं पड़ा और उसने साइकिल पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। सौरभ तो कूद कर बच गया लेकिन अंकित की मौके पर ही मौत हो गई।
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इलाकाई लोगों का आरोप था कि खोजवां चौकी के पुलिसकर्मी वसूली के फेर में नो इंट्री में भी ट्रैक्टरों को आने-जाने देते हैं। लोग पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सूचना के एक घंटे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव पहुंचे। कैंट विधायक ने फोन कर पुलिस को जानकारी दी तब इंस्पेक्टर भेलूपुर और खोजवां चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे।
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सूचना के लगभग एक घंटे बाद पहुंची भेलूपुर पुलिस गुस्साए लोगों को शांत कराने में असफल रही। लगभग दो घंटे बाद एसीएम प्रथम ने घोषणा की कि सरकारी राजकोष से पांच लाख रुपये की मदद दिलाई जाएगी और ट्रैक्टर मालिक जिवधीपुर निवासी ब्रह्मानंद ने 10 लाख रुपये देने का वादा किया तो जाम खत्म हुआ। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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सुदामापुर निवासी ठेकेदार चमनलाल सोनकर के दो बेटे और दो बेटियों में सबसे छोटा अंकित सीएचएस में पढ़ता था। बुधवार की सुबह वह अपने दोस्त सौरभ के साथ सीएचएस के मैदान में खेलने गया था। वापसी के दौरान अंकित साइकिल चला रहा था और सौरभ पीछे बैठा था। विनायका स्थित साईं मंदिर के समीप पहुंचते ही संकरा रास्ता देख सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर को रुकने के लिए अंकित ने आवाज लगाई और चालक को इशारा भी किया। मगर, चालक पर अंकित की बातों का कोई असर नहीं पड़ा और उसने साइकिल पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। सौरभ तो कूद कर बच गया लेकिन अंकित की मौके पर ही मौत हो गई।
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इलाकाई लोगों का आरोप था कि खोजवां चौकी के पुलिसकर्मी वसूली के फेर में नो इंट्री में भी ट्रैक्टरों को आने-जाने देते हैं। लोग पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सूचना के एक घंटे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव पहुंचे। कैंट विधायक ने फोन कर पुलिस को जानकारी दी तब इंस्पेक्टर भेलूपुर और खोजवां चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे।