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रामनगर की जग विख्यात रामलीला की परंपरा टूटी
Updated Wed, 12 Jul 2017 02:07 AM IST
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रामनगर। रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला की परंपरा पहली बार टूट गई। प्रथम गणेश पूजा शुरू होने से पहले पात्रों का अंतिम रूप से चयन नहीं हो पाया। रामलीला आगामी पांच सितंबर से शुरू होनी है। लीला के पांच पात्रों का अंतिम चयन हर वर्ष पूर्व काशिराज अनंत नारायण सिंह की मौजूदगी में रामनगर किले मे किया जाता है। बताया जाता है कि अनंत नारायण बाहर गए हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी के कारण श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की भूमिका निभाने वाले पांच पात्रों का चयन नहीं हो पाया। ऐसा रामलीला के इतिहास में पहली बार होने जा रहा है। प्रथम गणेश पूजा शुरू होने से पहले पात्रों का अंतिम चयन नहीं हो सका।
डेढ़ सप्ताह पहले अनंत नारायण सिंह की मौजूदगी में दो दर्जन बालकों का स्वर परीक्षण किया गया था। जिसमें से एक दर्जन बालकों को अगले दौर के लिए प्रतीक्षा में रखा गया था। इन्हीं में से पांच मुख्य स्वरूपों का चयन होना था। बुधवार को दिन में ढाई बजे प्रथम गणेश पूजा होनी है। इस दिन पांचों स्वरूपों के पूजन-अर्चन के बाद रामलीला के व्यास के संरक्षण में लीला शुरू होने से पहले तक प्रशिक्षण दिया जाता है। किले के जिम्मेदार अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को दोपहर बाद ढाई से शाम साढ़े चार बजे तक गणेश पूजन होगा। इसे टाला नहीं जा सकता है। उनका कहना है कि पहले दौर में चुने गए बालकों को ही अंतिम रूप से चयनित मान लीजिए। देर रात तक अनंत नारायण सिंह रामनगर किले में नहीं पहुंचे थे।
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डेढ़ सप्ताह पहले अनंत नारायण सिंह की मौजूदगी में दो दर्जन बालकों का स्वर परीक्षण किया गया था। जिसमें से एक दर्जन बालकों को अगले दौर के लिए प्रतीक्षा में रखा गया था। इन्हीं में से पांच मुख्य स्वरूपों का चयन होना था। बुधवार को दिन में ढाई बजे प्रथम गणेश पूजा होनी है। इस दिन पांचों स्वरूपों के पूजन-अर्चन के बाद रामलीला के व्यास के संरक्षण में लीला शुरू होने से पहले तक प्रशिक्षण दिया जाता है। किले के जिम्मेदार अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को दोपहर बाद ढाई से शाम साढ़े चार बजे तक गणेश पूजन होगा। इसे टाला नहीं जा सकता है। उनका कहना है कि पहले दौर में चुने गए बालकों को ही अंतिम रूप से चयनित मान लीजिए। देर रात तक अनंत नारायण सिंह रामनगर किले में नहीं पहुंचे थे।
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