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प्रवर्तन निदेशालय एआरटीओ मामले में आज दर्ज करेगा केस
Updated Thu, 06 Jul 2017 02:23 AM IST
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लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय चंदौली के एआरटीओ राधेश्याम यादव और लखनऊ के पूर्व डीआईओएस उमेश त्रिपाठी के खिलाफ ईसीआईआर (इंफोर्स केस इंफार्मेशन रिपोर्ट) दर्ज करेगी। अवैध वसूली के मामले में चंदौली पुलिस ने पिछले महीने राधेश्याम को गिरफ्तार किया था। जबकि उमेश त्रिपाठी के खिलाफ राजधानी लखनऊ में विजलेंस की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी।
राधे श्याम के पास पूर्वांचल के कई जनपदों में अकूत संपत्ति के बारे में जानकारी चंदौली पुलिस को मिली है। इन संपत्तियों का ब्यौरा प्रवर्तन निदेशालय ने भी चंदौली पुलिस से मांगा है। सूत्रों का कहना है कि ईसीआईआर दर्ज होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय राधेश्याम की संपित्तयों की जांच करेगा और फिर उसके अटैचमेंट की कार्रवाई करेगा।
करोड़ों की संपत्ति दिखाई कौड़ियों में
सूत्रों की मानें तो राधे श्याम ने गोरखपुर और वाराणसी में दर्ज संपत्तियों को बहुत ही कम मूल्य में दर्शाया गया है। वाराणसी में बनाए गए होटल की कीमत तीन करोड़ रुपये बताई गई है जबकि वहां पर जमीन की ही कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसी तरह गोरखपुर की संपत्ति की कीमत काफी कम दर्शाई गई है।
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2012 में हुई थी उमेश के खिलाफ जांच
वहीं उमेश त्रिपाठी के खिलाफ आए से अधिक संपत्ति की जांच 2012 में की गई थी। विजलेंस ने उमेश को आय से अधिक संपत्ति का दोषी माना था और प्रदेश सरकार से केस दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। प्रदेश सरकार ने उस समय अनुमति नहीं दी लेकिन जब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ तो भाजपा सरकार ने केस दर्ज करने की अनुमति दे दी। अप्रैल माह में विभूतिखंड थाने में विजलेंस के इंस्पेक्टर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
परिवहन कर्मचारियों का भी लिया जाएगा बयान
वाराणसी। भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव की जांच के मामले में विजिलेंस की टीम जल्द ही परिवहन विभाग के कर्मचारियों के बयान भी लेगी। इसके लिए कर्मचारियों को नोटिस जारी की जाएगी। प्रवर्तन विभाग में आरएस यादव के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों के साथ ही यादव के करीबी कर्मचारियों की सूची भी तैयार की जा रही है। विजिलेंस की जांच में तेजी आने के साथ ही परिवहन विभाग में खलबली मचनी शुरू हो गई है।
ट्रकों से अवैध वसूली कराने के आरोप में चंदौली पुलिस ने आरएस यादव को गिरफ्तार कर लिया था। इस समय वह जिला जेल में बंद है। शासन के निर्देश पर जांच अब चंदौली पुलिस से विजिलेंस को दे दी गई है। एसपी विजिलेंस शिवशंकर सिंह ने बताया कि डाफी टोल प्लाजा से ओवरलोड ट्रकों के आवागमन के संबंध में टोल कुछ कर्मचारियों का बयान लिया गया है तो कुछ का जल्द ही लिया जाएगा। विभाग के कुछ कर्मचारियों का भी जल्द ही बयान होगा।
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राधे श्याम के पास पूर्वांचल के कई जनपदों में अकूत संपत्ति के बारे में जानकारी चंदौली पुलिस को मिली है। इन संपत्तियों का ब्यौरा प्रवर्तन निदेशालय ने भी चंदौली पुलिस से मांगा है। सूत्रों का कहना है कि ईसीआईआर दर्ज होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय राधेश्याम की संपित्तयों की जांच करेगा और फिर उसके अटैचमेंट की कार्रवाई करेगा।
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करोड़ों की संपत्ति दिखाई कौड़ियों में
सूत्रों की मानें तो राधे श्याम ने गोरखपुर और वाराणसी में दर्ज संपत्तियों को बहुत ही कम मूल्य में दर्शाया गया है। वाराणसी में बनाए गए होटल की कीमत तीन करोड़ रुपये बताई गई है जबकि वहां पर जमीन की ही कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसी तरह गोरखपुर की संपत्ति की कीमत काफी कम दर्शाई गई है।
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2012 में हुई थी उमेश के खिलाफ जांच
वहीं उमेश त्रिपाठी के खिलाफ आए से अधिक संपत्ति की जांच 2012 में की गई थी। विजलेंस ने उमेश को आय से अधिक संपत्ति का दोषी माना था और प्रदेश सरकार से केस दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। प्रदेश सरकार ने उस समय अनुमति नहीं दी लेकिन जब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ तो भाजपा सरकार ने केस दर्ज करने की अनुमति दे दी। अप्रैल माह में विभूतिखंड थाने में विजलेंस के इंस्पेक्टर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
परिवहन कर्मचारियों का भी लिया जाएगा बयान
वाराणसी। भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव की जांच के मामले में विजिलेंस की टीम जल्द ही परिवहन विभाग के कर्मचारियों के बयान भी लेगी। इसके लिए कर्मचारियों को नोटिस जारी की जाएगी। प्रवर्तन विभाग में आरएस यादव के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों के साथ ही यादव के करीबी कर्मचारियों की सूची भी तैयार की जा रही है। विजिलेंस की जांच में तेजी आने के साथ ही परिवहन विभाग में खलबली मचनी शुरू हो गई है।
ट्रकों से अवैध वसूली कराने के आरोप में चंदौली पुलिस ने आरएस यादव को गिरफ्तार कर लिया था। इस समय वह जिला जेल में बंद है। शासन के निर्देश पर जांच अब चंदौली पुलिस से विजिलेंस को दे दी गई है। एसपी विजिलेंस शिवशंकर सिंह ने बताया कि डाफी टोल प्लाजा से ओवरलोड ट्रकों के आवागमन के संबंध में टोल कुछ कर्मचारियों का बयान लिया गया है तो कुछ का जल्द ही लिया जाएगा। विभाग के कुछ कर्मचारियों का भी जल्द ही बयान होगा।