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पूर्वांचल में बाढ़ का कहर: गाजीपुर-मऊ में 50 गांवों का संपर्क टूटा, सोनभद्र-मिर्जापुर में 8वीं तक के स्कूल बंद

Tue, 17 Sep 2024 11:00 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 17 Sep 2024 11:00 PM IST
सार

चंदौली में 12 घंटे में 47 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से 18 से अधिक कच्चे मकान ढह गए। नौगढ़-सोनभद्र मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया।

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50 villages in Ghazipur Mau lost contact due to flood
रामनगर का घाट डूबा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्वांचल के नौ जिलों में मंगलवार को उफनाई गंगा, गोमती, सरयू, कनहर और कर्मनाशा में बाढ़ और बारिश ने मुसीबतें बढ़ा दीं। सोनभद्र, मऊ, गाजीपुर में 50 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया। सोनभद्र में जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहां 10 से अधिक भवनों के ढहने से दंपती समेत तीन लोग घायल हो गए। दर्जनों गांवों का संपर्क टूटने के बाद सोनभद्र और मिर्जापुर में आठवीं तक के स्कूलों को बंद कर दिए गए।

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सोनभद्र में चौबीस घंटे तक लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया। जल का दबाव बढ़ने पर रिहंद और ओबरा बांधों के गेट खोलने पड़े। धंधरौल बांध के भी 22 गेट खोलकर पानी घाघर नदी व नहर में निकाला जाने लगा। नगवां बांध के 11 में से नौ फाटक खुलने से कर्मनाशा नदी में उफान आ गया है। भारी बारिश से मांची क्षेत्र के  12 गांवों का संपर्क मार्ग बाधित हो गया। इससे आठवीं तक के सभी स्कूल 18 सितंबर तक के लिए बंद कर दिए गए। जिले में 260 एमएम (औसत 64 एमएम) से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसी तरह मिर्जापुर में गंगा में उफान के साथ ही  कई गांवों का संपर्क टूट गया। इससे वहां भी आठवीं तक के स्कूलों को बंद कर दिया गयाा।

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चंदौली में 12 घंटे में 47 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से 18 से अधिक कच्चे मकान ढह गए। नौगढ़-सोनभद्र मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। बिजली के तार-खंभे टूटने से आपूर्ति बाधित हो गई है। इसी तरह अजमगढ़ में भी घाघरा की बाढ़ और बारिश ने जन-जीवन को प्रभावित कर दिया। यहां करीब 50 गांबों की 75000 से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है। बाढ़ से गांवों के घिरने और संपर्क टूटने के बाद प्रशासन ने  राहत-बचाव के लिए 133 नावें लगाई हैं। इसके अलावा ग्रामीणों ने अपनी सुविधा के लिए 250 नावों का अलग से संचालन शुरू किया है।

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उधर, भदोही में बारिश के साथ तेज हवा से कई इलाकों में पेड़ गिरने से चौरी, दुर्गागंज, ज्ञानपुर, सीतामढ़ी के जुडे़ उपकेंद्रों के करीब 90 से अधिक गांवों में 10-12 घंटे तक बिजली गुल रही। कोइरौना के इटहरा गांव की माली बस्ती में सूरत माली के मकान पर पाकड़ का पेड़ गिरने से बारजे में सो रही वृद्धा मुरली देवी (70) घायल हो गई। चौरी के नरपतपुर में बारिश से लाल बहादुर का कच्चा मकान गिर गया। इससे मलबे में गृहस्थी दब गई। बलिया में भी बाढ़ और बारिश ने खूब कहर बरपाया। गंगा खतरे के निशान के ऊपर बहने से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। बाढ़ से जिले के 27 गांवों की 32 हजार आबादी और करीब 9500 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हो गया है।

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