{"_id":"6116cbb48ebc3ee524418e9a","slug":"45-cases-of-snakebite-in-three-months-3-killed-varanasi-news-vns6059663107","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन महीने में सर्पदंश के 45 मामले, 3 की गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन महीने में सर्पदंश के 45 मामले, 3 की गई जान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीं, सर्पदंश के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। तीन महीने में जिले में 45 मामले सामने आ चुके हैं। जो कि मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज को पहुंचे। वहीं, इनमें से तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम भिजवाया जा रहा है। वहीं, लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। आमतौर पर बरसात में सांपों के काटने के मामले बढ़ने लगने लगते हैं। शहर की तुलना में ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसे मरीज अधिक पहुंचते हैं। कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर तो प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। तीन महीने की बात करें तो मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा की इमरजेंसी में 12 सर्पदंश के मामले पहुंचे। जुलाई में ही केवल 10 मरीजों ने इलाज कराया। एसआईसी डॉ. प्रसन्न कुमार ने बताया कि मरीजों को जरूरत के हिसाब से तुरंत एंटी स्नेक वेनम लगाया जाता है। उधर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा में तीन महीने में 22 नए मामले आए। इसमें एक की मौत हुई है। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. एचसी मौर्य के मुताबिक, 14 वायल एंटी स्नेक वेनम वैक्सीन हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को लगाई जाती है। रामनगर अस्पताल में भी सर्पदंश के दस मरीज आ चुके हैं।
सांपों के काटने के बाद झाड़फूंक से बचना चाहिए। जितना जल्दी हो संबंधित व्यक्ति को अस्पताल लेकर जाना चाहिए। अब तो अस्पतालों में इलाज की पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। यहां एंटी स्नेक वेनम लगाने के साथ ही समय पर इलाज शुरू होने से जान बचाई जा सकती है। तीन महीने में 11 केस आए। सभी का इलाज किया गया।
- डा. प्रसन्न कुमार, एसआईसी मंडलीय अस्पताल
केस : एक
चौबेपुर के हंडियाडीह गांव निवासी दिव्यांग संजय कुमार माली का बेटा श्रीकांत (17) पहलवानी करता था। 16 जुलाई की रात वह छत पर सोया था। इसी बीच सांप ने उसे काट लिया। परिजनों ने पहले झाड़फूंक कराया। राहत नहीं मिली तो एक निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
केस : दो
चौबेपुर के सुंगलपुर निवासी सेवा यादव की पत्नी लालती देवी (60) को भी 16 जुलाई को ही सांप ने काट लिया। परिजनों को जानकारी मिली तो वह घर से अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सांपों के काटने के बाद झाड़फूंक से बचना चाहिए। जितना जल्दी हो संबंधित व्यक्ति को अस्पताल लेकर जाना चाहिए। अब तो अस्पतालों में इलाज की पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। यहां एंटी स्नेक वेनम लगाने के साथ ही समय पर इलाज शुरू होने से जान बचाई जा सकती है। तीन महीने में 11 केस आए। सभी का इलाज किया गया।
विज्ञापन
- डा. प्रसन्न कुमार, एसआईसी मंडलीय अस्पताल
केस : एक
चौबेपुर के हंडियाडीह गांव निवासी दिव्यांग संजय कुमार माली का बेटा श्रीकांत (17) पहलवानी करता था। 16 जुलाई की रात वह छत पर सोया था। इसी बीच सांप ने उसे काट लिया। परिजनों ने पहले झाड़फूंक कराया। राहत नहीं मिली तो एक निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
केस : दो
चौबेपुर के सुंगलपुर निवासी सेवा यादव की पत्नी लालती देवी (60) को भी 16 जुलाई को ही सांप ने काट लिया। परिजनों को जानकारी मिली तो वह घर से अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई।