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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   43 transactions in 23 minutes crores siphoned off from RapiPay account account breached via field agent app

यूपी: 23 मिनट में 43 ट्रांजेक्शन, रैपीपे के खाते से 1.56 करोड़ उड़ाए; फील्ड एजेंट के एप के जरिये खाते में सेंध

Thu, 08 Oct 2026 06:06 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाल नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाल नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 08 Oct 2026 06:06 AM IST
सार

डिजिटल वित्तीय सेवा देने वाली कंपनी रैपीपे के खाते में सेंध लगाकर 23 मिनट में 43 ट्रांजेक्शन के जरिए 1.56 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। बताया गया कि आरोपियों ने कंपनी के फील्ड एजेंट के एप का इस्तेमाल कर खाते में सेंध लगाई। मामले की जानकारी के बाद संबंधित स्तर पर जांच शुरू की गई है। साइबर ठगी की इस घटना से हड़कंप मचा है।

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43 transactions in 23 minutes crores siphoned off from RapiPay account account breached via field agent app
साइबर क्राइम। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

साइबर अपराधियों ने डिजिटल वित्तीय सेवा प्रदान करने वाली कंपनी रैपीपे फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के खाते से 23 मिनट में 43 ट्रांजेक्शन कर 1.56 करोड़ रुपये निकाल लिए। तीन अक्तूबर की सुबह 10:41 बजे से 11:04 बजे के बीच कंपनी के खाते से रकम अलग-अलग बैंक अकाउंट में राशि ट्रांसफर की गई। कंपनी के मुताबिक सभी लेनदेन उसके फील्ड एजेंट के मोबाइल एप के जरिये किए गए। 

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आशंका है कि साइबर अपराधियों ने एजेंट के मोबाइल डिवाइस या एप तक अनधिकृत पहुंच बनाकर वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कंपनी ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई है।

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कंपनी की ओर से क्लियो काउंटी निवासी जितिन जयशील करकरेस ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रैपीपे फिनटेक बैंकों के बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के तौर पर डिजिटल वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी के फील्ड एजेंट और डायरेक्ट बिजनेस आउटलेट के माध्यम से ग्राहकों को नकदी निकासी समेत कई वित्तीय सेवाएं दी जाती हैं। इसी व्यवस्था से जुड़े यस बैंक के खाते को साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया। 

शिकायत के अनुसार तीन अक्तूबर को कंपनी के यस बैंक खाते से लगातार संदिग्ध लेनदेन शुरू हुए। सुबह 10:41 बजे पहला ट्रांजेक्शन होने के बाद अगले 23 मिनट तक एक के बाद एक कुल 43 लेनदेन किए गए। इन ट्रांजेक्शन के जरिये कुल 1.56 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में भेज दिए गए। वारदात के बाद कंपनी ने सभी संदिग्ध लेनदेन का विवरण जुटाया। पुलिस को लाभार्थी खातों के नंबर, आईएफएससी कोड, खाताधारकों के नाम और आरआरएन समेत अन्य बैंकिंग जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

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एजेंट पर नहीं लगाया आरोप
कंपनी ने बताया कि जिन मोबाइल एप के जरिये लेनदेन हुए उसका इस्तेमाल सोनभद्र के विंढमगंज निवासी फील्ड एजेंट धीरज कुमार केशरी कर रहे थे। हालांकि कंपनी ने शिकायत में एजेंट पर किसी तरह की धोखाधड़ी का आरोप नहीं लगाया है। कंपनी का कहना है कि संभव है कि एजेंट के मोबाइल फोन या एप को साइबर अपराधियों ने अपने कब्जे में लेकर उसका दुरुपयोग किया हो। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों ने एप तक कैसे पहुंच बनाई और वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया।

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जिन खातों में रकम गई, उनकी जांच
डीसीपी साइबर प्रीति यादव ने बताया कि जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनके बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और अन्य डिजिटल जानकारी जुटाई जा रही है। संबंधित खातों को फ्रीज कर रकम की आगे निकासी रोकने का भी प्रयास किया जा रहा है।

2009 में हुई थी कंपनी की स्थापना
रैपीपे फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की स्थापना छह अप्रैल 2009 को हुई थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने जनवरी 2018 में कंपनी को सेमी-क्लोज्ड प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट सेवाओं के लिए भुगतान प्रणाली स्थापित और संचालित करने की अनुमति दी थी। इस अनुमति का मार्च 2024 में नवीनीकरण भी किया गया था।

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