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भदोही विस्फोट- 6- मलबे से तीन मोबाइल और मानव अंग बरामद -AZAMGARH
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ज्ञानपुर (भदोही)। जांच एजेंसियों ने रोटहां के विस्फोट स्थल पर रविवार को भी डेरा डाले रखा। स्थानीय अधिकारियों संग वाराणसी से आई जांच एजेंसी के एक्सपर्ट मलबे से घंटों तक अहम सुराग तलाशते रहे। मलबे से तीन मोबाइल और मानव अंग मिले हैं।
रविवार सुबह वाराणसी से आईबी के अधिकारी फोरेंसिक टीम संग रोटहां के घटनास्थल पर पहुंचे। टीम के सदस्य काफी देर तक मलबे को हटाकर अहम सुराग तलाशते रहे। इस दौरान तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। तीनों मोबाइल पर लगातार फोन आ रहे थे। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि शनिवार को रेस्क्यू के दौरान तीनों मोबाइल क्यों नहीं बरामद हो सके। पहले दिन मोबाइल मिलते तो जांच टीम को कुछ और अहम सुराग मिल सकते थे। घटना स्थल से दूर कई स्थानों पर मांस के लोथड़े मिले। बगल में मोबाइल की दुकान चला रहे राजकुमार यादव की टीवीएस मोटरसाइकिल रविवार शाम तक मलबे में दबी हुई थी। पीड़ित की गुहार के बाद भी मोटरसाइकिल नहीं निकाली गई।
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घायलों की हालत सामान्य
चौरी (भदोही)। रोटहां में शनिवार को हुए विस्फोट में घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल संगीता पत्नी अरुण यादव, रीता यादव पत्नी राजकुमार और मुदस्सिर हुसैन का दो वर्षीय पुत्र नवाब प्राथमिक उपचार के बाद घर लौट आए, जबकि फातिमा (68) का इलाज भदोही के एक निजी चिकित्सालय और बुनकर शहंशाह का इलाज वाराणसी के ट्रामा सेंटर में चल रहा है।
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दिलेर युवाओं की हो रही प्रशंसा
चौरी (भदोही)। रोटहां में विस्फोट के बाद अफरातफरी के बीच दिलेर युवाओं ने मलबे में दबे लोगों को जान पर खेलकर निकाला। घटना के करीब एक घंटे बाद पुलिस और प्रशासन के लोग पहुंचे।
पटाखा फैक्ट्री में अचानक हुए विस्फोट से जब सारे लोग सहमे हुए थे, उस समय कुछ युवाओं ने जान जोखिम में डालकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि विस्फोट के बाद भी रह-रह कर मकान से आवाज और धुआं उठ रहा था। इसके बाद भी गांव के आशीष दुबे, फैजान अली, फिरोज आलम सद्दाम, इश्माएल अरशद, इसरार, शाहनवाज, आफताब, बृजेश तिवारी, जहांगीर आदि युवक मलबे में दबे लोगों को निकालते रहे। हर कोई इन युवाओं की प्रशंसा करते नहीं थक रहा है।
रविवार सुबह वाराणसी से आईबी के अधिकारी फोरेंसिक टीम संग रोटहां के घटनास्थल पर पहुंचे। टीम के सदस्य काफी देर तक मलबे को हटाकर अहम सुराग तलाशते रहे। इस दौरान तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। तीनों मोबाइल पर लगातार फोन आ रहे थे। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि शनिवार को रेस्क्यू के दौरान तीनों मोबाइल क्यों नहीं बरामद हो सके। पहले दिन मोबाइल मिलते तो जांच टीम को कुछ और अहम सुराग मिल सकते थे। घटना स्थल से दूर कई स्थानों पर मांस के लोथड़े मिले। बगल में मोबाइल की दुकान चला रहे राजकुमार यादव की टीवीएस मोटरसाइकिल रविवार शाम तक मलबे में दबी हुई थी। पीड़ित की गुहार के बाद भी मोटरसाइकिल नहीं निकाली गई।
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घायलों की हालत सामान्य
चौरी (भदोही)। रोटहां में शनिवार को हुए विस्फोट में घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल संगीता पत्नी अरुण यादव, रीता यादव पत्नी राजकुमार और मुदस्सिर हुसैन का दो वर्षीय पुत्र नवाब प्राथमिक उपचार के बाद घर लौट आए, जबकि फातिमा (68) का इलाज भदोही के एक निजी चिकित्सालय और बुनकर शहंशाह का इलाज वाराणसी के ट्रामा सेंटर में चल रहा है।
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दिलेर युवाओं की हो रही प्रशंसा
चौरी (भदोही)। रोटहां में विस्फोट के बाद अफरातफरी के बीच दिलेर युवाओं ने मलबे में दबे लोगों को जान पर खेलकर निकाला। घटना के करीब एक घंटे बाद पुलिस और प्रशासन के लोग पहुंचे।
पटाखा फैक्ट्री में अचानक हुए विस्फोट से जब सारे लोग सहमे हुए थे, उस समय कुछ युवाओं ने जान जोखिम में डालकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि विस्फोट के बाद भी रह-रह कर मकान से आवाज और धुआं उठ रहा था। इसके बाद भी गांव के आशीष दुबे, फैजान अली, फिरोज आलम सद्दाम, इश्माएल अरशद, इसरार, शाहनवाज, आफताब, बृजेश तिवारी, जहांगीर आदि युवक मलबे में दबे लोगों को निकालते रहे। हर कोई इन युवाओं की प्रशंसा करते नहीं थक रहा है।