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मिर्जापुर से चुनाव विश्लेषण
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मिर्जापुर। लोकसभा सीट सपा के खाते में आने से सपा में खुशी की लहर है। 13 साल में जनपद में सपा तीन बार लोकसभा चुनाव जीत चुकी है। 2009 के चुनाव में बाल कुमार पटेल और 1996 एवं 1999 में फूलन देवी यहां से चुनाव जीती हैं। 2014 में भाजपा-अपना दल गठबंधन से अनुप्रिया पटेल सांसद चुनी गई थीं। मोदी लहर में अनुप्रिया पटेल ने 436536 मत पाकर बसपा की समुद्रा बिंद को करीब दो लाख मतों से करारी शिकस्त दी थी, जबकि सपा के सुरेंद्र पटेल 108859 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे थे।
इससे पहले 1996 में सपा प्रत्याशी फूलन देवी को 297 998 मत मिले थे। फूलन देवी ने भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त को हराकर पहली बार सीट सपा की झोली में डाली थी। 1999 में फूलन देवी ने 290 849 मत पाकर भाजपा के वीरेंद्र सिंह को फिर शिकस्त दी दी। 2009 में बाल कुमार पटेल ने 218898 पाकर बसपा के अनिल कुमार मौर्या को हराते हुए तीसरी बार सपा का झंडा बुलंद किया था। आंकड़ों को देखा जाए तो तीनों बार सपा दो लाख से अधिक मत पाकर विजयी रही है। वहीं बसपा भी पिछले चार चुनाव में दो लाख के आंकड़े के आसपास रही है। दोनों पार्टियों के मतों को जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा चार लाख के पार पहुंच जाता है। अगर इस बार भाजपा-अपना दल गठबंधन हुआ और अनुप्रिया दूसरी बार यहां से प्रत्याशी हुई तो सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी से उनकी कड़ी टक्कर होने की संभावना है।
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इससे पहले 1996 में सपा प्रत्याशी फूलन देवी को 297 998 मत मिले थे। फूलन देवी ने भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त को हराकर पहली बार सीट सपा की झोली में डाली थी। 1999 में फूलन देवी ने 290 849 मत पाकर भाजपा के वीरेंद्र सिंह को फिर शिकस्त दी दी। 2009 में बाल कुमार पटेल ने 218898 पाकर बसपा के अनिल कुमार मौर्या को हराते हुए तीसरी बार सपा का झंडा बुलंद किया था। आंकड़ों को देखा जाए तो तीनों बार सपा दो लाख से अधिक मत पाकर विजयी रही है। वहीं बसपा भी पिछले चार चुनाव में दो लाख के आंकड़े के आसपास रही है। दोनों पार्टियों के मतों को जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा चार लाख के पार पहुंच जाता है। अगर इस बार भाजपा-अपना दल गठबंधन हुआ और अनुप्रिया दूसरी बार यहां से प्रत्याशी हुई तो सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी से उनकी कड़ी टक्कर होने की संभावना है।
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