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हर दिन एक सेमी नीचे जा रही गंगा
Updated Thu, 21 Jun 2018 02:11 AM IST
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वाराणसी। गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट से काशी में हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। हर दिन जलस्तर एक सेंटीमीटर नीचे खिसक रहा है। पिछले 27 दिन में 27 सेंटीमीटर की गिरावट के साथ जलस्तर अब तक के न्यूनतम स्तर 57.52 मीटर पर आ पहुंचा है। पिछले साल इसी तारीख क्रो जलस्तर तकरीबन एक मीटर अधिक था।
जलप्रवाह न होने से नदी में प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती जा रही है वहीं, जगह-जगह बालू के टीले तेजी से विस्तार ले रहे हैं। गंगा में जल छोड़ने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों से केंद्रीय मंत्रियों तक के आश्वासन और प्रयासों का अब तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार काशी में स्थिति यह है कि गंगा हर दिन एक सेंटीमीटर नीचे जा रही हैं। गंगा का जलस्तर अब तक के न्यूनतम स्तर पर है। जलस्तर लगातार सिमटने से प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने के साथ ही जलचरों पर भी संकट छाने लगा है। कई जगहों पर नदी के मध्य तक रेत के टीले विस्तार ले रहे हैं। महीने भर पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने जल्द से जल्द जल छोड़वाए जाने का भरोसा दिलाया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। गंगा की उम्मीदें केवल मानसून पर टिकी हैं।
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जलप्रवाह न होने से नदी में प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती जा रही है वहीं, जगह-जगह बालू के टीले तेजी से विस्तार ले रहे हैं। गंगा में जल छोड़ने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों से केंद्रीय मंत्रियों तक के आश्वासन और प्रयासों का अब तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।
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केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार काशी में स्थिति यह है कि गंगा हर दिन एक सेंटीमीटर नीचे जा रही हैं। गंगा का जलस्तर अब तक के न्यूनतम स्तर पर है। जलस्तर लगातार सिमटने से प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने के साथ ही जलचरों पर भी संकट छाने लगा है। कई जगहों पर नदी के मध्य तक रेत के टीले विस्तार ले रहे हैं। महीने भर पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने जल्द से जल्द जल छोड़वाए जाने का भरोसा दिलाया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। गंगा की उम्मीदें केवल मानसून पर टिकी हैं।
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