{"_id":"5b1d91d04f1c1bb26e8b7542","slug":"41528664528-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वनाथ कॉरिडोर का काम नहीं रुकेगा : अमिताभ कांत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वनाथ कॉरिडोर का काम नहीं रुकेगा : अमिताभ कांत
Updated Mon, 11 Jun 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और परिक्षेत्र के विस्तार का काम किसी कीमत पर नहीं रुकेगा। काशी विकास समिति के 11 बिंदुओं के प्रस्तावों और सुझावों के अनुरूप कॉरिडोर परियोजना के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। ये बातें रविवार को यहां नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने कहीं।
मंदिर परिक्षेत्र का जायजा लेने के साथ ही सीईओ ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। परिक्षेत्र के निरीक्षण के दौरान कहा कि उनके स्तर से विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए जो भी संभव होगा वह अवश्य करेंगे। उन्होंने कॉरिडोर से जुड़े अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि विस्तारीकरण का काम रुकने नहीं दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह से मंदिर परिक्षेत्र में चल रहे कार्यों की जानकारी ली और उनका अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाआें के विस्तार के लिए कराए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। मंदिर परिक्षेत्र के विस्तारीकरण की अब तक की प्रगति उन्हें बताई। इस अवसर पर काशी विकास समिति की ओर से उन्हें पुस्तक ‘द बुक आफ बनारस’ भेंट की गई। समिति ने 11 बिंदुओं से जुड़े सुझाव पत्र भी चेयरमैन को सौंपे। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, विग्रहों को व्यवस्थित करने, अवैध कब्जों को हटाने और परियोजना का नाम काशी विश्वनाथ गंगे करने का सुझाव दिया गया है। समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर विस्तारीकरण योजना का लोग स्वार्थवश विरोध कर रहे हैं और इसमें बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इस दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह, आलोक सिंह, चंद्रशेखर कपूर, डॉ. अजीत सैगल, संदीप पंड्या, आदेश भट्ट आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंदिर परिक्षेत्र का जायजा लेने के साथ ही सीईओ ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। परिक्षेत्र के निरीक्षण के दौरान कहा कि उनके स्तर से विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए जो भी संभव होगा वह अवश्य करेंगे। उन्होंने कॉरिडोर से जुड़े अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि विस्तारीकरण का काम रुकने नहीं दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह से मंदिर परिक्षेत्र में चल रहे कार्यों की जानकारी ली और उनका अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाआें के विस्तार के लिए कराए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। मंदिर परिक्षेत्र के विस्तारीकरण की अब तक की प्रगति उन्हें बताई। इस अवसर पर काशी विकास समिति की ओर से उन्हें पुस्तक ‘द बुक आफ बनारस’ भेंट की गई। समिति ने 11 बिंदुओं से जुड़े सुझाव पत्र भी चेयरमैन को सौंपे। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, विग्रहों को व्यवस्थित करने, अवैध कब्जों को हटाने और परियोजना का नाम काशी विश्वनाथ गंगे करने का सुझाव दिया गया है। समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर विस्तारीकरण योजना का लोग स्वार्थवश विरोध कर रहे हैं और इसमें बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इस दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह, आलोक सिंह, चंद्रशेखर कपूर, डॉ. अजीत सैगल, संदीप पंड्या, आदेश भट्ट आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन