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एमडी के तीन कोर्स शुरू होने की बढ़ी आस
Updated Sun, 03 Jun 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में एमडी के तीन और नए कोर्स की मान्यता मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद की दो सदस्यीय टीम ने निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट आयुष मंत्रालय को भेज दी है। दोनों सदस्यों ने शनिवार को भी चिकित्सालय, फार्मेसी एवं पैथोलाजी लैब का निरीक्षण किया और यहां उपलब्ध संसाधनों पर संतोष जताया। नए कोर्स शुरू होने से पंचकर्म में भी रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि दोनों सदस्यों ने पंचकर्म, रसशास्त्र व भैषज्य कल्पना और स्त्री व प्रसूति रोग में पीजी कोर्स शुरू होने हैं। उसी के निरीक्षण के लिए चिकित्सा परिषद की टीम आई थी। महाविद्यालय में इन विभागों से संबंधित सभी चीजें लगभग पूर्ण हैं और मान्यता मिलने के बाद इसी साल से दाखिले भी शुरू हो जाएंगे। अभी तक महाविद्यालय में शल्य तंत्र, संहिता एवं सिद्धांत तथा रोग निदान में पहले से एमडी में दाखिले हो चुके हैं। इसमें 15 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। महाविद्यालय में सीसीआईएम का कार्य देख रहे काय चिकित्सा एवं पंचकर्म विभाग के प्रवक्ता डॉ. अजय कुमार ने बताया कि लगभग तीन महीने से निरीक्षण के लिए तैयारियां की जा रही थीं।
दोनों सदस्यों ने महाविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों की उपलब्धता पर संतोष जताया और अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी है। नए पीजी कोर्स की मान्यता मिलने के बाद पंचकर्म विभाग की व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। इससे पंचकर्म में रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। निरीक्षण के दौरान उप चिकित्साधीक्षक डॉ. विनय मिश्रा, शैलेंद्र सिंह, संजय मिश्रा, शिरीष मिश्र, विनोद कुमार, रामजी, आनंद मिश्र आदि का सहयोग रहा।
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महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि दोनों सदस्यों ने पंचकर्म, रसशास्त्र व भैषज्य कल्पना और स्त्री व प्रसूति रोग में पीजी कोर्स शुरू होने हैं। उसी के निरीक्षण के लिए चिकित्सा परिषद की टीम आई थी। महाविद्यालय में इन विभागों से संबंधित सभी चीजें लगभग पूर्ण हैं और मान्यता मिलने के बाद इसी साल से दाखिले भी शुरू हो जाएंगे। अभी तक महाविद्यालय में शल्य तंत्र, संहिता एवं सिद्धांत तथा रोग निदान में पहले से एमडी में दाखिले हो चुके हैं। इसमें 15 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। महाविद्यालय में सीसीआईएम का कार्य देख रहे काय चिकित्सा एवं पंचकर्म विभाग के प्रवक्ता डॉ. अजय कुमार ने बताया कि लगभग तीन महीने से निरीक्षण के लिए तैयारियां की जा रही थीं।
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दोनों सदस्यों ने महाविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों की उपलब्धता पर संतोष जताया और अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी है। नए पीजी कोर्स की मान्यता मिलने के बाद पंचकर्म विभाग की व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। इससे पंचकर्म में रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। निरीक्षण के दौरान उप चिकित्साधीक्षक डॉ. विनय मिश्रा, शैलेंद्र सिंह, संजय मिश्रा, शिरीष मिश्र, विनोद कुमार, रामजी, आनंद मिश्र आदि का सहयोग रहा।
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