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कालीन की गुणवता पर ध्यान दें निर्यातक
Updated Fri, 30 Mar 2018 01:27 AM IST
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भदोही। उप महानिदेशक विदेश व्यापार अमित कुमार ने कहा कि एक दशक में वैश्विक कालीन बाजार उतार-चढ़ाव आता रहा है। इस दौरान निर्यात में खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई। उद्योग संवर्धन के लिए जरूरी है कि उद्यमी अपने उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाते रहे। कहा भारत सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उद्योग को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है। वह गुरुवार को एकमा के कालीन भवन में आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे।
उप महानिदेशक ने कहा कि विश्व के कालीन उत्पादक देशों से भारतीय निर्यातकों को भारी चुनौती मिल रही ही है। इसका सामना करने के लिए निर्यातकों को नित नए खोज करने के साथ अपने उत्पाद में विविधिता लाने का काम करना होगा। उन्होंने बताया कि भदोही के कालीन को भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) के रूप में मान्यता मिली है, लेकिन इसका प्रचार-प्रसार भी जरूरी है। एकमा के मानद सचिव, पीयूष बरनवाल ने भदोही को टाउन आफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस के रूप में घोषित करने की मांग रखी। इस दौरान शिवसागर तिवारी, अशफाक अंसारी, अतुल आनंद, अधिराज दत्त, एके ठुकराल, जेपी गुप्ता, विमल बरनवाल, हाजी अब्दुल सत्तार, एचएन मौर्य, मो. शाहिद अंसारी, शमसुद्दीन अंसारी आदि मौजूद थे।
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उप महानिदेशक ने कहा कि विश्व के कालीन उत्पादक देशों से भारतीय निर्यातकों को भारी चुनौती मिल रही ही है। इसका सामना करने के लिए निर्यातकों को नित नए खोज करने के साथ अपने उत्पाद में विविधिता लाने का काम करना होगा। उन्होंने बताया कि भदोही के कालीन को भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) के रूप में मान्यता मिली है, लेकिन इसका प्रचार-प्रसार भी जरूरी है। एकमा के मानद सचिव, पीयूष बरनवाल ने भदोही को टाउन आफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस के रूप में घोषित करने की मांग रखी। इस दौरान शिवसागर तिवारी, अशफाक अंसारी, अतुल आनंद, अधिराज दत्त, एके ठुकराल, जेपी गुप्ता, विमल बरनवाल, हाजी अब्दुल सत्तार, एचएन मौर्य, मो. शाहिद अंसारी, शमसुद्दीन अंसारी आदि मौजूद थे।
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