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फर्जीवाड़ा में मुकदमा दर्ज करने का आदेश
Updated Wed, 28 Mar 2018 01:27 AM IST
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ज्ञानपुर। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने सोमवार को औराई पुलिस को भाई की मार्कशीट लगाकर फर्जी तरीके से रोजगार सेवक की नौकरी करने वाले युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। यही नहीं, इस फर्जीवाड़ा में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी कहा है।
औराई क्षेत्र के नटवां गांव निवासी नवनीत शुक्ला ने अधिवक्ता पंकज तिवारी के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि वर्ष 2008 में उसके गांव में रोजगार सेवक की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया था। इसमें उसके गांव के निवासी शेषमणि पुत्र सिद्धनाथ ने अपने भाई चंद्रमणि की मार्कशीट और अपनी फोटो लगाकर नौकरी हासिल कर ली। जब इसकी शिकायत की गई तो उसने वर्ष 2014 में नौकरी से त्यागपत्र दे दिया था। अधिकारियों से मिलीभगत के कारण उसके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई थी। न्यायालय में पीड़ित की ओर से सूचना के अधिकार से प्राप्त नियुक्ति से संबंधित सभी अभिलेख और शेषमणि के वास्तविक अभिलेख, जिसमें उसके फोटो लगे थे प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इस संबंध में सीडीओ से आख्या मंगाई थी। इसमें जांच में सीडीओ की ओर से उपस्थित होकर फोटो मिलान के लिए आदेश दिया गया था, लेकिन वह सीडीओ कार्यालय में नहीं आया। प्रकरण में सीडीओ ने विधिक सलाह लेकर मामले में पुलिसिया कार्रवाई की मंशा जताई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम पूर्णिमा सागर की अदालत ने औराई थाने को एफआईआर दर्ज कर आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
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औराई क्षेत्र के नटवां गांव निवासी नवनीत शुक्ला ने अधिवक्ता पंकज तिवारी के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि वर्ष 2008 में उसके गांव में रोजगार सेवक की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया था। इसमें उसके गांव के निवासी शेषमणि पुत्र सिद्धनाथ ने अपने भाई चंद्रमणि की मार्कशीट और अपनी फोटो लगाकर नौकरी हासिल कर ली। जब इसकी शिकायत की गई तो उसने वर्ष 2014 में नौकरी से त्यागपत्र दे दिया था। अधिकारियों से मिलीभगत के कारण उसके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई थी। न्यायालय में पीड़ित की ओर से सूचना के अधिकार से प्राप्त नियुक्ति से संबंधित सभी अभिलेख और शेषमणि के वास्तविक अभिलेख, जिसमें उसके फोटो लगे थे प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इस संबंध में सीडीओ से आख्या मंगाई थी। इसमें जांच में सीडीओ की ओर से उपस्थित होकर फोटो मिलान के लिए आदेश दिया गया था, लेकिन वह सीडीओ कार्यालय में नहीं आया। प्रकरण में सीडीओ ने विधिक सलाह लेकर मामले में पुलिसिया कार्रवाई की मंशा जताई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम पूर्णिमा सागर की अदालत ने औराई थाने को एफआईआर दर्ज कर आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
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