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संतूर के संगीत और गायन से सजी अस्सी की महफिल0
Updated Sun, 25 Feb 2018 02:40 AM IST
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पर्यटन विभाग और स्पिक मैके की ओर से अतुल्य भारत की धरोहर शृंखला के तहत अस्सी घाट के मुक्ताकाशीय मंच पर संगीत की महफिल सजाई गई। शनिवार को भजन सोपोरी के संतूर और राजन-साजन मिश्र के गायन से सजी संगीत की निशा में देर रात तक श्रोता संगीत का आनंद उठाते रहे।
अस्सी के किनारे सजी संगीत की महफिल का आरंभ भजन सोपोरी ने राग कौशिक निरंजनी में आलाप जोड़ से किया। इसकी अगली कड़ी में उन्होंने गत और बंदिशों के सधे हुए संतूर के सुरों पर श्रोताओं की जोरदार तालियां और वाहवाही बटोरी। उनके साथ पखावज पर ऋषि शंकर उपाध्याय, तबले पर रफीउद्दीन साबरी ने संगत की। कार्यक्रम की अगली कड़ी में राजन-साजन मिश्र के गायन पर अस्सी का किनारा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नम: शिवाय से गायन का आरंभ करते हुए मिश्र बंधुओं ने राग बागेश्वरी में विलंबित ख्याल में निबद्ध रचना कौन गत भई मोरी...पेश किया। अगली कड़ी में तीन ताल की बंदिश में यमुना जल भरत नहीं देत कन्हाई...प्रस्तुत किया। उनके साथ हारमोनियम पर कांता प्रसाद मिश्र, तबले पर राजेश मिश्र और तानपुरे पर नंदिनी मजूमदार ने संगत की। उद्घाटन अवसर पर संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र, ध्रुपद गायक डा. राजेश्वर आचार्य सहित कई विशिष्टजन मौजूद रहे। स्वागत व मंच संचालन प्रतिमा सिन्हा ने किया।
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अस्सी के किनारे सजी संगीत की महफिल का आरंभ भजन सोपोरी ने राग कौशिक निरंजनी में आलाप जोड़ से किया। इसकी अगली कड़ी में उन्होंने गत और बंदिशों के सधे हुए संतूर के सुरों पर श्रोताओं की जोरदार तालियां और वाहवाही बटोरी। उनके साथ पखावज पर ऋषि शंकर उपाध्याय, तबले पर रफीउद्दीन साबरी ने संगत की। कार्यक्रम की अगली कड़ी में राजन-साजन मिश्र के गायन पर अस्सी का किनारा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नम: शिवाय से गायन का आरंभ करते हुए मिश्र बंधुओं ने राग बागेश्वरी में विलंबित ख्याल में निबद्ध रचना कौन गत भई मोरी...पेश किया। अगली कड़ी में तीन ताल की बंदिश में यमुना जल भरत नहीं देत कन्हाई...प्रस्तुत किया। उनके साथ हारमोनियम पर कांता प्रसाद मिश्र, तबले पर राजेश मिश्र और तानपुरे पर नंदिनी मजूमदार ने संगत की। उद्घाटन अवसर पर संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र, ध्रुपद गायक डा. राजेश्वर आचार्य सहित कई विशिष्टजन मौजूद रहे। स्वागत व मंच संचालन प्रतिमा सिन्हा ने किया।
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