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तो गणेशपुर में रची गई थी हत्या की साजिश
Updated Fri, 26 Jan 2018 02:40 AM IST
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वाराणसी। डीरेका के कर्मचारी नेता ताराधीश कुमार मुकेश की हत्या की साजिश मंगलवार की रात गणेशपुर में आयोजित पार्टी में रची गई थी। साजिश के अनुसार मुकेश के घर के सामने सुनसान स्थान देख घात लगाए बैठे शूटरों ने उन पर फायरिंग की और फिर पीछे आ रही काले रंग की सफारी में बैठ कर भाग निकले। मुकेश के मोबाइल की कॉल डिटेल और वायस रिकॉर्डर खंगालने के बाद तफ्तीश कर रहीं पुलिस टीमें इस निष्कर्ष पर पहुंची हैं।
गणेशपुर की पार्टी में जो पांच लोग शामिल थे वो सभी भूमिगत हो गए हैं। इन सभी की तलाश में बनारस, गाजीपुर, चंदौली, आजमगढ़ सहित आसपास के अन्य जिलों में पुलिस की छह टीमों की छापामारी का सिलसिला जारी है। मामले को लेकर गुरुवार रात तक पुलिस 18 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी थी। कर्मचारी नेता मुकेश की हत्या की तफ्तीश कर रही पुलिस टीमों के अनुसार मुन्ना बजरंगी गिरोह से जुड़े ठेकेदारों के ठेकों की जांच के लिए लगातार प्रार्थना पत्र देते रहना और परिषद के चुनाव से जुड़ा विवाद उनकी जान पर भारी पड़ गया।
डीरेका में बजरंगी गिरोह के ठेकेदारों का एक गुट अपना खासा दबदबा बनाए हुए है और कर्मचारी परिषद पर भी हनक बनाए रखने के लिए सदैव प्रयासरत रहता है। मुकेश का स्वभाव ऐसा था कि वो किसी के सामने झुकते नहीं थे। मंगलवार की रात हत्या से पहले मुकेश गणेशपुर में आयोजित एक पार्टी में शामिल हुए। यहां मुकेश को ठेकों की जांच न कराने के लिए समझाया गया लेकिन वो तैयार नहीं हुए। इसके बाद पार्टी खत्म हुई तो सभी गणेशपुर से निकले और रात 10 बजे के लगभग मुकेश की हत्या कर दी गई। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ के साथ ही पुलिस टीमों की छापामारी जारी है। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं जिनके आधार पर मामले का जल्द खुलासा होने की संभावना है।
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गणेशपुर की पार्टी में जो पांच लोग शामिल थे वो सभी भूमिगत हो गए हैं। इन सभी की तलाश में बनारस, गाजीपुर, चंदौली, आजमगढ़ सहित आसपास के अन्य जिलों में पुलिस की छह टीमों की छापामारी का सिलसिला जारी है। मामले को लेकर गुरुवार रात तक पुलिस 18 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी थी। कर्मचारी नेता मुकेश की हत्या की तफ्तीश कर रही पुलिस टीमों के अनुसार मुन्ना बजरंगी गिरोह से जुड़े ठेकेदारों के ठेकों की जांच के लिए लगातार प्रार्थना पत्र देते रहना और परिषद के चुनाव से जुड़ा विवाद उनकी जान पर भारी पड़ गया।
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डीरेका में बजरंगी गिरोह के ठेकेदारों का एक गुट अपना खासा दबदबा बनाए हुए है और कर्मचारी परिषद पर भी हनक बनाए रखने के लिए सदैव प्रयासरत रहता है। मुकेश का स्वभाव ऐसा था कि वो किसी के सामने झुकते नहीं थे। मंगलवार की रात हत्या से पहले मुकेश गणेशपुर में आयोजित एक पार्टी में शामिल हुए। यहां मुकेश को ठेकों की जांच न कराने के लिए समझाया गया लेकिन वो तैयार नहीं हुए। इसके बाद पार्टी खत्म हुई तो सभी गणेशपुर से निकले और रात 10 बजे के लगभग मुकेश की हत्या कर दी गई। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ के साथ ही पुलिस टीमों की छापामारी जारी है। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं जिनके आधार पर मामले का जल्द खुलासा होने की संभावना है।
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