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हत्या के मामले में दो को आजीवन कारावास
Updated Fri, 12 Jan 2018 01:29 AM IST
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ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अशोक कुमार दूबे की अदालत ने गुरुवार को हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 15-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। दो वर्ष पहले गोपीगंज के अलमऊ हाल्ट के समीप हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
अभियोजन के अनुसार गोपीगंज थाना क्षेत्र के चकनंदाबीर गांव निवासी राममणि बिंद ने आरोप लगाया था कि 26 नवंबर 2014 को ढाई बजे दिन में मेरा पुत्र मिथिलेश और मिर्चीलाल मछली मारने के लिए घर से निकले थे। शाम तक दोनों घर नहीं लौटे तो मैं मिर्ची लाल के घर गया तो उन लोगों ने बताया कि आपका बेटा आ जाएगा, घबराएं नहीं। अगले दिन सुबह सात बजे सूचना मिली कि अलमऊ हाल्ट के समीप पोखरे में एक युवक की लाश पड़ी है। मैं मौके पर पहुंचा तो देखा कि शव मेरे पुत्र मिथिलेश का था। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। राममणि का आरोप था कि मिर्ची लाल और लल्लू लाल ने मेरे पुत्र की हत्या कर पोखरे में फेंका है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दोनों पक्षों केे तर्क और बयान सुनने के बाद अदालत ने दोषी मिर्चीलाल पुत्र राजेश बिंद और लल्लू लाल को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने की।
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अभियोजन के अनुसार गोपीगंज थाना क्षेत्र के चकनंदाबीर गांव निवासी राममणि बिंद ने आरोप लगाया था कि 26 नवंबर 2014 को ढाई बजे दिन में मेरा पुत्र मिथिलेश और मिर्चीलाल मछली मारने के लिए घर से निकले थे। शाम तक दोनों घर नहीं लौटे तो मैं मिर्ची लाल के घर गया तो उन लोगों ने बताया कि आपका बेटा आ जाएगा, घबराएं नहीं। अगले दिन सुबह सात बजे सूचना मिली कि अलमऊ हाल्ट के समीप पोखरे में एक युवक की लाश पड़ी है। मैं मौके पर पहुंचा तो देखा कि शव मेरे पुत्र मिथिलेश का था। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। राममणि का आरोप था कि मिर्ची लाल और लल्लू लाल ने मेरे पुत्र की हत्या कर पोखरे में फेंका है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दोनों पक्षों केे तर्क और बयान सुनने के बाद अदालत ने दोषी मिर्चीलाल पुत्र राजेश बिंद और लल्लू लाल को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने की।
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