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शंकराचार्य चयन पर महामंडल के धड़ों में टकराव बढ़ा
Updated Sat, 30 Dec 2017 02:21 AM IST
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वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का अभिषेक करने वाले भारत धर्म महामंडल के धड़े ने पांच पदाधिकारियों के निलंबन के विरुद्ध ऑल इंडिया कौंसिल की बैठक बुलाने का एजेंडा जारी कर दिया है। इस बार डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी डॉ. हरिजी पाठक की ओर से पांच जनवरी को बैठक बुलाने का एजेंडा जारी किया गया है।
इस पर दूसरे धड़े के जनरल सेक्रेटरी प्रो. शंभूनाथ उपाध्याय ने इसे विधि शून्य और औचित्यहीन करार देते हुए खारिज कर दिया है। जनरल सेक्रेटरी ने एजेंडा जारी करने वाले पदाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि अगर एजेंडा निष्प्रभावी घोषित करने के बाद भी बैठक बुलाई गई तो संस्था विरोधी गतिविधियों के आरोप में कार्रवाई की जाएगी।
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य चयन को लेकर दो फाड़ हुए भारत धर्म महामंडल में घमासान तेज हो गया है। अभिषेक करने वाले धड़े का नेतृत्व उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय कर रहे हैं। पांडेय का कहना है कि नियमानुसार मंत्री सभा के बहुमत से ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर स्वामी स्वरूपानंद के चयन का फैसला लिया गया था। इस फैसले का सम्मान करने के विपरीत जनरल सेक्रेटरी ने कुछ लोगों के उकसावे में आकर पांच पदाधिकारियों का निलंबन कर दिया। इस निलंबन की कार्रवाई को वापस लेने के लिए उनको प्रस्ताव भी दिया गया लेकिन उन्होंने विचार नहीं किया।
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अंतत: तीसरे पदाधिकारी की ओर से विवश होकर बैठक बुलाने का एजेंडा जारी किया गया। उधर, जनरल सेक्रेटरी ने बताया कि पांच सदस्यों के हस्ताक्षर से डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी की ओर से बैठक का एजेंडा उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना की श्रेणी में आता है। इसे रद्द कर दिया गया है। चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी की ओर से एजेंडा जारी करने को संस्था को तोड़ने वाला कुचक्र बताया। कहा कि मनमानी करने वालों के मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे।
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इस पर दूसरे धड़े के जनरल सेक्रेटरी प्रो. शंभूनाथ उपाध्याय ने इसे विधि शून्य और औचित्यहीन करार देते हुए खारिज कर दिया है। जनरल सेक्रेटरी ने एजेंडा जारी करने वाले पदाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि अगर एजेंडा निष्प्रभावी घोषित करने के बाद भी बैठक बुलाई गई तो संस्था विरोधी गतिविधियों के आरोप में कार्रवाई की जाएगी।
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ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य चयन को लेकर दो फाड़ हुए भारत धर्म महामंडल में घमासान तेज हो गया है। अभिषेक करने वाले धड़े का नेतृत्व उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय कर रहे हैं। पांडेय का कहना है कि नियमानुसार मंत्री सभा के बहुमत से ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर स्वामी स्वरूपानंद के चयन का फैसला लिया गया था। इस फैसले का सम्मान करने के विपरीत जनरल सेक्रेटरी ने कुछ लोगों के उकसावे में आकर पांच पदाधिकारियों का निलंबन कर दिया। इस निलंबन की कार्रवाई को वापस लेने के लिए उनको प्रस्ताव भी दिया गया लेकिन उन्होंने विचार नहीं किया।
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अंतत: तीसरे पदाधिकारी की ओर से विवश होकर बैठक बुलाने का एजेंडा जारी किया गया। उधर, जनरल सेक्रेटरी ने बताया कि पांच सदस्यों के हस्ताक्षर से डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी की ओर से बैठक का एजेंडा उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना की श्रेणी में आता है। इसे रद्द कर दिया गया है। चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी की ओर से एजेंडा जारी करने को संस्था को तोड़ने वाला कुचक्र बताया। कहा कि मनमानी करने वालों के मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे।