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प्रिंसेप ने डिजाइन की थी काशी की जल निकास प्रणाली
Updated Tue, 14 Nov 2017 02:02 AM IST
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वाराणसी। जेम्स प्रिंसेप ने प्राचीन शहर काशी के नगर नियोजन के लिए जो काम किया, वह हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने इस शहर के विकास में कई अहम योगदान दिए। पहली बार जहां काशी का प्रमाणिक नक्शा प्रिंसेप ने तैयार किया, वहीं इस शहर की जनगणना भी कराई थी। उनकी डिजाइन की गई जल निकास प्रणाली अब तक काम कर रही है। ये बातें सामने घाट स्थित ज्ञान प्रवाह में आयोजित जेम्स प्रिंसेप स्मृति व्याख्यान में राष्ट्रीय संग्रहालय के पूर्व महानिदेशक एसएस विश्वास ने कही।
ज्ञान प्रवाह में शाम 3:30 बजे दीप प्रज्ज्वल और प्रिंसेप के चित्र पर माल्यार्पण के साथ परिचर्चा आरंभ हुई। राष्ट्रीय संग्रहालय के पूर्व निदेशक ने बताया कि प्रिंसेप असाधारण प्रतिभा के धनी ब्रिटिश अधिकारी थे। वह 26 नवंबर 1820 को पहली बार इस शहर में टकसाल अधिकारी के रूप में नियुक्त हुए थे। उनका सिर्फ10 वर्ष का कार्यकाल रहा, लेकिन इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उन्होंने काम किया। बिहार-यूपी जोड़ने वाले कर्मनाशा पुल का भी निर्माण उन्होंने ही कराया था। ब्राह्मी लिपी को पहली बार उन्होंने ही पढ़ा उसी के आधार पर अशोक के अनेक शिलालेखों को पढ़ा जा सका। इससे पहले गंगा कलश पूजन के बाद भारत अध्ययन केंद्र के अधिकारी प्रो. युगल किशोर मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन मानद निदेशिका प्रो. कमल गिरि ने किया। धन्यवाद प्रकाश किया इतिहासकार प्रो. विदुला जायसवाल ने।
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ज्ञान प्रवाह में शाम 3:30 बजे दीप प्रज्ज्वल और प्रिंसेप के चित्र पर माल्यार्पण के साथ परिचर्चा आरंभ हुई। राष्ट्रीय संग्रहालय के पूर्व निदेशक ने बताया कि प्रिंसेप असाधारण प्रतिभा के धनी ब्रिटिश अधिकारी थे। वह 26 नवंबर 1820 को पहली बार इस शहर में टकसाल अधिकारी के रूप में नियुक्त हुए थे। उनका सिर्फ10 वर्ष का कार्यकाल रहा, लेकिन इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उन्होंने काम किया। बिहार-यूपी जोड़ने वाले कर्मनाशा पुल का भी निर्माण उन्होंने ही कराया था। ब्राह्मी लिपी को पहली बार उन्होंने ही पढ़ा उसी के आधार पर अशोक के अनेक शिलालेखों को पढ़ा जा सका। इससे पहले गंगा कलश पूजन के बाद भारत अध्ययन केंद्र के अधिकारी प्रो. युगल किशोर मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन मानद निदेशिका प्रो. कमल गिरि ने किया। धन्यवाद प्रकाश किया इतिहासकार प्रो. विदुला जायसवाल ने।
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