{"_id":"59f397134f1c1b8e698b7eeb","slug":"41509136147-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब 18 वर्ष तक के माने जाएंगे बाल श्रमिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब 18 वर्ष तक के माने जाएंगे बाल श्रमिक
Updated Sat, 28 Oct 2017 01:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम में संशोधन कर कारखानों, खतरनाक श्रेणी के व्यवसायों में काम करने वाले बाल श्रमिकों की उम्र सीमा 14 साल से बढ़ाकर 18 साल कर दी गई है। इस अधिनियम में दोषी पाए जाने पर सेवायोजक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही 20 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी होगा। शुक्रवार को मंडलायुक्त सभागार में आयोजित कार्यशाला में उप श्रमायुक्त राकेश कुमार ने ये बातें कहीं।
उप श्रमायुक्त ने कहा कि बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम का उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ ही एक से तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही बालश्रम कराने वाले माता-पिता और अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नया सवेरा कार्यक्रम के तहत वाराणसी के 38, जौनपुर के 98 और गाजीपुर के 68 गांवों को हॉट स्पाट गांव बनाने और बालश्रम मुक्त घोषित करने का कार्यक्रम चल रहा है। इसके अलावा 14 साल तक के बाल श्रमिकों का सर्वे कराया जा रहा है, जिन्हें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे पहले कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि बालश्रम गंभीर समस्या है। स्वच्छता कार्यक्रम की तरह इसे भी अभियान चलाकर खत्म करने की जरूरत है। कानुपर के उप श्रमायुक्त डीके सिंह और रिजवान ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बालश्रम के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर बनारस के डीएम योगेश्वर राम मिश्र सहित चंदौली और गाजीपुर के अधिकारी भी मौजूद थे।
विज्ञापन
उप श्रमायुक्त ने कहा कि बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम का उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ ही एक से तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही बालश्रम कराने वाले माता-पिता और अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नया सवेरा कार्यक्रम के तहत वाराणसी के 38, जौनपुर के 98 और गाजीपुर के 68 गांवों को हॉट स्पाट गांव बनाने और बालश्रम मुक्त घोषित करने का कार्यक्रम चल रहा है। इसके अलावा 14 साल तक के बाल श्रमिकों का सर्वे कराया जा रहा है, जिन्हें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे पहले कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि बालश्रम गंभीर समस्या है। स्वच्छता कार्यक्रम की तरह इसे भी अभियान चलाकर खत्म करने की जरूरत है। कानुपर के उप श्रमायुक्त डीके सिंह और रिजवान ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बालश्रम के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर बनारस के डीएम योगेश्वर राम मिश्र सहित चंदौली और गाजीपुर के अधिकारी भी मौजूद थे।
विज्ञापन