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Varanasi News: काशी का बनेगा थ्रीडी मैप, नौ महीने में होगा तैयार
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वाराणसी। स्मार्ट सिटी काशी का थ्रीडी मैप बनाएगा। इसके लिए थ्रीडी अर्बन स्पेशियल डिजिटल ट्विन तकनीक से सर्वे कराया जा रहा है। थ्रीडी मैप बनने से एक क्लिक पर शहर का पूरा खाका सामने होगा। लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (लिडार) तकनीकी के माध्यम से कार्य पूरा कराया जा रहा है। इसे नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक डॉ डी वासुदेवन ने बताया कि शहर के विकास के लिए काम करने वाली सरकारी संस्थाओं के लिए थ्रीडी मैप काफी उपयोगी होगा। इस मैप में बनारस की संकरी गलियां, मंदिर व या अन्य प्रमुख स्थल, सड़कें सब डिजिटल रूप में दिखाई देंगे। वाराणसी शहर के 160 वर्ग किलोमीटर का डिजिटल मैप बनाया जा रहा है।
थ्रीडी मैप के फायदे
सड़कों से लेकर गलियों, छोटे और बड़े भवनों के एक-एक इंच के माप के साथ सामने होगा। विकास की योजनाओं से जुड़े हर विभाग इस मैप की मदद से बेहतर ढंग काम कर सकेंगे। एक क्लिक पर जगह की उपलब्धता, कार्य की सुगमता आदि देख सकेंगे। इसके अलावा लो लैंड की पहचान कर जलजमाव से बचा सकता है। बाढ़ में पानी से डूबने वाले स्थानों की पहचान की जा सकेगी। आग लगने पर रेस्क्यू, फायर एनओसी देने के लिए प्राथमिक निरीक्षण, विकास प्राधिकरण को भी योजना बनाने और अवैध निर्माणों, निगरानी, एनओसी आदि देने में मदद मिलेगी। इसके अलावा तहसील स्तर से बनने वाली योजनाओं और अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि देने में सहायक होगी।
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स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक डॉ डी वासुदेवन ने बताया कि शहर के विकास के लिए काम करने वाली सरकारी संस्थाओं के लिए थ्रीडी मैप काफी उपयोगी होगा। इस मैप में बनारस की संकरी गलियां, मंदिर व या अन्य प्रमुख स्थल, सड़कें सब डिजिटल रूप में दिखाई देंगे। वाराणसी शहर के 160 वर्ग किलोमीटर का डिजिटल मैप बनाया जा रहा है।
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थ्रीडी मैप के फायदे
सड़कों से लेकर गलियों, छोटे और बड़े भवनों के एक-एक इंच के माप के साथ सामने होगा। विकास की योजनाओं से जुड़े हर विभाग इस मैप की मदद से बेहतर ढंग काम कर सकेंगे। एक क्लिक पर जगह की उपलब्धता, कार्य की सुगमता आदि देख सकेंगे। इसके अलावा लो लैंड की पहचान कर जलजमाव से बचा सकता है। बाढ़ में पानी से डूबने वाले स्थानों की पहचान की जा सकेगी। आग लगने पर रेस्क्यू, फायर एनओसी देने के लिए प्राथमिक निरीक्षण, विकास प्राधिकरण को भी योजना बनाने और अवैध निर्माणों, निगरानी, एनओसी आदि देने में मदद मिलेगी। इसके अलावा तहसील स्तर से बनने वाली योजनाओं और अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि देने में सहायक होगी।
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