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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   3500 years old pottery pieces from Kashi will be kept in museum in Gujarat Lothal museum is being built

BHU: गुजरात के म्यूजियम में रखे जाएंगे काशी के 3500 साल पुराने बर्तनों के टुकड़े, बन रहा लोथल का संग्रहालय

Wed, 10 Sep 2025 03:40 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 10 Sep 2025 03:40 PM IST
सार

काशी का संबंध मेवाड़ के साथ था। इससे जुड़े मिट्टी के बर्तन दोनों जगह मिले हैं। काशी का मध्य प्रदेश के लोगों के साथ 4000 साल पहले संबंध था। यहां पर गंगा के रास्ते बड़े-बड़े व्यापार होते थे।

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3500 years old pottery pieces from Kashi will be kept in museum in Gujarat Lothal museum is being built
मिट्टी के बर्तन के टुकड़े। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: काशी के 3500 साल के प्राचीन अवशेष, मिट्टी के बर्तन और टेरोकोटा की मूर्तियों को गुजरात के म्यूजियम में रखा जाएगा। इसमें अयोध्या के राम मंदिर और कुशीनगर के 8000 हजार साल पुराने पुरातात्विक अवशेष भी शामिल होंगे। 

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बीएचयू पहुंचे पुराविद और राखीगढ़ी उत्खनन के प्रमुख प्रो. वसंत शिंदे ने कहा कि गुजरात में 400 एकड़ जमीन पर निर्माणाधीन लोथल के राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर संग्रहालय में काशी के राजघाट से मिले मिट्टी के बर्तन के टूकड़े, टेरोकोटा और पत्थर की मूर्तियां, अयोध्या की खोदाई में मिले भगवान राममंदिर से जुड़े साक्ष्य, नरहन में मिले अवशेषों और लहुरादेव में मिले 8000 साल पुराने मानव-निवास के चिह्नों और भारत में चावल की पहली खेती के साक्ष्यों को भी संग्रहालय में शामिल किया जाएगा। 

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दी खास जानकारी

प्रो. शिंदे का मानना है कि समुद्री विरासत में सिर्फ समुद्र ही नहीं बल्कि नदियों के किनारे बसे प्राचीन शहरों को भी शामिल किया गया है। वस्तुओं को ले जाने के लिए जल्द ही बीएचयू के साथ समझोता किया जाएगा। इसके तहत बीएचयू और बनारस को पूरे भारत के इतिहास से जोड़ा जाएगा। बीएचयू के प्राचीन इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व विभाग के म्यूजियम में ये सभी पुरातात्विक वस्तुएं रखी गई हैं। 

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से 400 एकड़ जमीन पर लोथल संग्रहालय बनाया जा रहा है। प्रो. शिंदे ने कहा कि इस म्यूजियम में गुजरात से लेकर बंगाल तक के इतिहास को एक जगह दिखाना है। काशी का 4000 साल और हड़प्पा का 5000 साल पुराना इतिहास दिखाना है। 

रोम से 2000 साल पहले भारत ने बनाया पोतगाह: प्रो. शिंदे ने बताया कि दुनिया का सबसे पहला पोतगाह जहाज बनाने का यार्ड भारत में ही बना था। रोम से 2000 साल पहले हड़प्पा काल के लोगों को ये कला आती थी। रोमन ने खुद ही हमसे जहाज बनाना सीखा था। 

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