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ईवे बिल में गड़बड़ी पर 317 लाख की वसूली
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वाराणसी। वाणिज्य कर विभाग की सचल दल और एसआईबी ने कर चोरी के मामले में 317 लाख वसूला की है। यह वसूली अप्रैल से जुलाई माह के बीच की गई है। अधिकारियों के मुताबिक सड़क व रेल मार्ग से आने वाले बिना वैध ईवेबिल के पकड़े गए सामान पर कार्रवाई की गई।
वाणिज्य कर विभाग के जोन दो के अपर आयुक्त प्रदीप कुमार के मुताबिक करीब जांच टीम ने अप्रैल से जुलाई माह के बीच 401 लाख रुपये का सामान पकड़ 317 लाख रुपये बतौर पेनाल्टी वसूली की। राज्य वाणिज्य कर विभाग की टीमें अलग-अलग के तहत फर्म की जांच करने के साथ सड़क व अन्य परिवहन मार्ग से लाए जाने वाले मार्गों के सामान की जांच करता है। ईवेबिल के बिना लाए गए सामान की जांच कर 18 प्रतिशत जीएसटी और 18 प्रतिशत जुर्माना लगाई जाती है। सीएम के निर्देश पर जीएसटी चोरी पर लगाम लगाने के लिए टास्क फोर्स द्वारा जांच की कार्रवाई की जा रही है। अपर आयुक्त प्रदीप कुमार के मुताबिक सर्वाधिक सामान दिल्ली, कोलकाता और मुंबई से मंगाए जाते हैं। इसमें होजरी के सामान के अलावा मोबाइल फोन, मोटरपार्ट्स, पान मसाला, तंबाकू और खिलौना शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान ईवेबिल की खामी पर वाणिज्य कर विभाग कार्रवाई करता है।
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वाणिज्य कर विभाग के जोन दो के अपर आयुक्त प्रदीप कुमार के मुताबिक करीब जांच टीम ने अप्रैल से जुलाई माह के बीच 401 लाख रुपये का सामान पकड़ 317 लाख रुपये बतौर पेनाल्टी वसूली की। राज्य वाणिज्य कर विभाग की टीमें अलग-अलग के तहत फर्म की जांच करने के साथ सड़क व अन्य परिवहन मार्ग से लाए जाने वाले मार्गों के सामान की जांच करता है। ईवेबिल के बिना लाए गए सामान की जांच कर 18 प्रतिशत जीएसटी और 18 प्रतिशत जुर्माना लगाई जाती है। सीएम के निर्देश पर जीएसटी चोरी पर लगाम लगाने के लिए टास्क फोर्स द्वारा जांच की कार्रवाई की जा रही है। अपर आयुक्त प्रदीप कुमार के मुताबिक सर्वाधिक सामान दिल्ली, कोलकाता और मुंबई से मंगाए जाते हैं। इसमें होजरी के सामान के अलावा मोबाइल फोन, मोटरपार्ट्स, पान मसाला, तंबाकू और खिलौना शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान ईवेबिल की खामी पर वाणिज्य कर विभाग कार्रवाई करता है।
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