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लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में पर्यावरण बना मुद्दा
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वाराणसी। लोकसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों ने पर्यावरण को भी मुद्दा बनाया है। विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में बनारस का नाम शामिल हो चुका है। जल और वायु प्रदूषण के कारण शहरों की आबोहवा में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। स्वास्थ्य संगठनों की रिपोर्ट भी बेहद चौंकाने वाली है। सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की सूची में बनारस भी शामिल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण भारत में मौत का पांचवां बड़ा कारण है। राजनीतिक पार्टियों ने अपने घोषणापत्र में जल प्रदूषण और वायु प्रदूषण को प्रमुखता के साथ जगह दी है।
दुनिया के 15 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से 14 भारत में हैं। डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट-2018 के मुताबिक देश के सबसे प्रदूषित शहरों में कानपुर पहले नंबर पर, वाराणसी तीसरे, लखनऊ सातवें और आगरा आठवें स्थान पर है। यही नहीं जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण में भी शहर की हालत गंभीर है। गंगा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पहुंच चुका है। असि नदी का तो अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है वहीं वरूणा भी अपने अंतिम सांसें गिन रही हैं। समस्या को देखते हुए राजनीतिक पार्टियों ने भी इसको अपने एजेंडे में शामिल किया है।
कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सशक्त स्वच्छ वायु कार्ययोजना का वायदा किया है। आधुनिक तकनीकी और मशीनरी का उपयोग करके हर घर, गांव, कस्बे और शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना लागू करने का भी वायदा किया है। देश की राजनीति में पहली बार ग्रीन बजट की बात करते हुए कांग्रेस ने राष्ट्रीय खातों में पर्यावरणीय क्षरण और नुकसान की कीमत का हिसाब किताब करने का वायदा भी किया है। इसके साथ ही व्यापक भूमि और जल उपयोग नीति के साथ ही नदियों में गिरने वाले अपशिष्ट को रोकने व नदी संरक्षण में जारी होने वाले बजट को दोगुना करने का वायदा किया है।
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दूसरी ओर भाजपा के घोषणा पत्र में भी वायु प्रदूषण को एक मुख्य मुद्दा मानते हुएए हाल ही मे केंद्र सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वच्छ वायु नीति को एक मिशन में तब्दील करने की बात की गई है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए फ सल अपशिष्ट को जलाने पर पूरी तरह से पाबंदी की बात भी कही गयी है। नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 175 गीगावाट का लक्ष्य वर्ष 2022 तक प्राप्त कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। नदियों के संदर्भ में भाजपा के घोषणा पत्र में नमामि गंगा को और सुदृढ़ करने, किनारे बसे सभी शहरों में सीवरेज की व्यवस्था को मजबूत करने का वायदा भी शामिल है। सौ प्रतिशत उत्तर प्रदेश अभियान की एकता शेखर ने बताया कि भारतीय राजनीति में यह एक सुखद बदलाव की शुरूआत भर है। उन्होंने मतदाताओं से पर्यावरण के हित में मतदान करने की अपील की है।
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दुनिया के 15 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से 14 भारत में हैं। डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट-2018 के मुताबिक देश के सबसे प्रदूषित शहरों में कानपुर पहले नंबर पर, वाराणसी तीसरे, लखनऊ सातवें और आगरा आठवें स्थान पर है। यही नहीं जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण में भी शहर की हालत गंभीर है। गंगा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पहुंच चुका है। असि नदी का तो अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है वहीं वरूणा भी अपने अंतिम सांसें गिन रही हैं। समस्या को देखते हुए राजनीतिक पार्टियों ने भी इसको अपने एजेंडे में शामिल किया है।
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कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सशक्त स्वच्छ वायु कार्ययोजना का वायदा किया है। आधुनिक तकनीकी और मशीनरी का उपयोग करके हर घर, गांव, कस्बे और शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना लागू करने का भी वायदा किया है। देश की राजनीति में पहली बार ग्रीन बजट की बात करते हुए कांग्रेस ने राष्ट्रीय खातों में पर्यावरणीय क्षरण और नुकसान की कीमत का हिसाब किताब करने का वायदा भी किया है। इसके साथ ही व्यापक भूमि और जल उपयोग नीति के साथ ही नदियों में गिरने वाले अपशिष्ट को रोकने व नदी संरक्षण में जारी होने वाले बजट को दोगुना करने का वायदा किया है।
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दूसरी ओर भाजपा के घोषणा पत्र में भी वायु प्रदूषण को एक मुख्य मुद्दा मानते हुएए हाल ही मे केंद्र सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वच्छ वायु नीति को एक मिशन में तब्दील करने की बात की गई है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए फ सल अपशिष्ट को जलाने पर पूरी तरह से पाबंदी की बात भी कही गयी है। नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 175 गीगावाट का लक्ष्य वर्ष 2022 तक प्राप्त कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। नदियों के संदर्भ में भाजपा के घोषणा पत्र में नमामि गंगा को और सुदृढ़ करने, किनारे बसे सभी शहरों में सीवरेज की व्यवस्था को मजबूत करने का वायदा भी शामिल है। सौ प्रतिशत उत्तर प्रदेश अभियान की एकता शेखर ने बताया कि भारतीय राजनीति में यह एक सुखद बदलाव की शुरूआत भर है। उन्होंने मतदाताओं से पर्यावरण के हित में मतदान करने की अपील की है।