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उचक्कों के अंतरप्रांतीय गिरोह का सरगना और पांच गुर्गे गिरफ्तार
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वाराणसी। उचक्कों के अंतरप्रांतीय गिरोह के सरगना और उसके पांच गुर्गों को शुक्रवार को रामनगर स्थित शास्त्री पुल के समीप से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की शिनाख्त गोंडा जिले के वजीरगंज थाना के पूरे पवार के राम बहादुर वर्मा, रामाशीष उर्फ कल्लू, बल्लीपुर हटवा के के राजेश कुमार वर्मा व महेंद्र वर्मा, दुल्हापुर के हरिभान दत्त वर्मा और फूलपुर क्षेत्र के रोह गांव के प्रेमचंद बिंद के तौर पर हुई है। आरोपियों के पास से 50200 रुपये, दो तमंचा, छह कारतूस और 12 मोबाइल बरामद कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह शहर में उचक्कागीरी और छिनैती की घटनाओं की सीसी फुटेज के आधार पर आरोपियों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ में लगे थे। क्राइम ब्रांच प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि चिह्नित आरोपियों में से कुछ शास्त्री पुल के नीचे मौजूद हैं तो उन्होंने इंस्पेक्टर रामनगर अनूप कुमार शुक्ला के साथ घेरेबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सरगना रामबहादुर वर्मा है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जिले में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और अन्य जिलों से उनके आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है।
रामबहादुर ने बताया कि वह खुद को लोगों को एसटीएफ में तैनात बताता था। उसके गिरोह के तीन-चार सदस्य किसी भी बैंक की रेकी कर लाइन में खड़े हो जाते थे। इसके बाद किसी बुजुर्ग या महिला को मदद की पेशकश कर उसका फार्म वगैरह भरकर बातचीत करने लगते थे। बुजुर्ग या महिला बैंक से रुपये निकाल कर जैसे ही आगे बढ़ते थे तो बातों में उलझा कर उनका झोला या बैग छीन कर भाग जाते थे। कभी-कभार लोगों द्वारा घेर लिए जाने पर तमंचा दिखा कर धमका देते थे। इसी तरह से बीएचयू अस्पताल, कैंट रेलवे स्टेशन और गंगा घाटों सहित भीड़भाड़ वाले अन्य स्थानों से कई लोगों का बैग और पर्स बातों में उलझाकर गिरोह ने पार कर दिया। बताया कि गिरोह के पांच सदस्य इन दिनों प्रयागराज में कुंभ मेले में मौजूद हैं और कई लोगों को चूना लगा चुके हैं।
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एसपी क्राइम ने बताया कि उचक्कों को गिरफ्तार करने में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, रामभवन यादव, सुरेंद्र मौर्या, घनश्याम वर्मा, रमेश तिवारी, रामबाबू, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, श्यामलाल गुप्ता, संतोष, सुनील राय और इंस्पेक्टर रामनगर अनूप कुमार शुक्ला व उनकी टीम शामिल रही। पुलिस टीम को एसएसपी से पुरस्कृत कराने के लिए अनुशंसा की गई है।
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एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह शहर में उचक्कागीरी और छिनैती की घटनाओं की सीसी फुटेज के आधार पर आरोपियों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ में लगे थे। क्राइम ब्रांच प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि चिह्नित आरोपियों में से कुछ शास्त्री पुल के नीचे मौजूद हैं तो उन्होंने इंस्पेक्टर रामनगर अनूप कुमार शुक्ला के साथ घेरेबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सरगना रामबहादुर वर्मा है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जिले में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और अन्य जिलों से उनके आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है।
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रामबहादुर ने बताया कि वह खुद को लोगों को एसटीएफ में तैनात बताता था। उसके गिरोह के तीन-चार सदस्य किसी भी बैंक की रेकी कर लाइन में खड़े हो जाते थे। इसके बाद किसी बुजुर्ग या महिला को मदद की पेशकश कर उसका फार्म वगैरह भरकर बातचीत करने लगते थे। बुजुर्ग या महिला बैंक से रुपये निकाल कर जैसे ही आगे बढ़ते थे तो बातों में उलझा कर उनका झोला या बैग छीन कर भाग जाते थे। कभी-कभार लोगों द्वारा घेर लिए जाने पर तमंचा दिखा कर धमका देते थे। इसी तरह से बीएचयू अस्पताल, कैंट रेलवे स्टेशन और गंगा घाटों सहित भीड़भाड़ वाले अन्य स्थानों से कई लोगों का बैग और पर्स बातों में उलझाकर गिरोह ने पार कर दिया। बताया कि गिरोह के पांच सदस्य इन दिनों प्रयागराज में कुंभ मेले में मौजूद हैं और कई लोगों को चूना लगा चुके हैं।
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एसपी क्राइम ने बताया कि उचक्कों को गिरफ्तार करने में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, रामभवन यादव, सुरेंद्र मौर्या, घनश्याम वर्मा, रमेश तिवारी, रामबाबू, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, श्यामलाल गुप्ता, संतोष, सुनील राय और इंस्पेक्टर रामनगर अनूप कुमार शुक्ला व उनकी टीम शामिल रही। पुलिस टीम को एसएसपी से पुरस्कृत कराने के लिए अनुशंसा की गई है।