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नारी मन के कोमल भाव ‘हरी बिंदी’
Updated Mon, 01 Oct 2018 01:48 AM IST
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वाराणसी। पिपलानी कटरा स्थिति श्रीश्री रविशंकर ध्यान केंद्र में चल रहे थिएटर फेस्टिवल में रविवार को कविता पाठ और नाटक प्रस्तुति के अलावा कहानी और कविता का नाट्य मंचन भी किया गया। इसी के साथ तीन दिवसीय अवितोको रूम थिएटर फेस्टिवल संपन्न हो गया।
शुरुआत धरोहर कार्यक्रम से हुई जिसके अंतर्गत सेतु सांस्कृतिक केंद्र की ओर से विगत एक वर्ष में दिवंगत हुए मूर्धन्य हिंदी रचनाकारों की कविताओं को पढ़ा गया। विजय त्रिपाठी ने काव्य पाठ किया। दूसरी प्रस्तुति मृदुला गर्ग की कहानी ‘हरी बिंदी’ का मंचन रही। कहानी की मंचन परिकल्पना प्रियंका मेहरोत्रा ने किया। अभिनय प्रियंका मेहरोत्रा के साथ सौरभ चक्रवर्ती और संगीत सत्यम मिश्रा का रहा। इस कहानी में नारी के कोमल मन की भावनाओं को उकेरा गया। कविता प्रस्तुति में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मेधावी छात्रों शाश्वत उपाध्याय और सुशांत कुमार शर्मा ने अपनी अपनी मौलिक हिंदी और भोजपुरी कविताओं का पाठ किया। अगली प्रस्तुति शिव संभव नाट्य संस्था की रही। प्रतिमा सिन्हा की कविता ‘शाम और तुम’ का नाट्य मंचन किया गया। अभिनय यशवीर चौधरी और निर्देशन सुमित श्रीवास्तव का रहा। इसके बाद बनारस के युवा रंगकर्मी और लेखक उमेश भाटिया ने अपने लिखे मौलिक नाटक ‘दी प्रॉस्टिट्यूट एक्टर’ का पहला नाट्य मंचन प्रस्तुत किया। नाटक में अभिनय उमेश और नवीन चंद्रा का रहा। संगीत विवेक वर्मा और प्रस्तुति दशरूपक नाट्य संस्था की रही। रूम थिएटर फेस्टिवल के तीसरे दिन लेखक विश्वनाथ गोकर्ण और गीतकार डॉ. अत्रि भारद्वाज अतिथि के रुप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वागत सेतु के महासचिव सलीम राजा और धन्यवाद सेतु के अध्यक्ष डॉ. सुनील साह ने किया।
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शुरुआत धरोहर कार्यक्रम से हुई जिसके अंतर्गत सेतु सांस्कृतिक केंद्र की ओर से विगत एक वर्ष में दिवंगत हुए मूर्धन्य हिंदी रचनाकारों की कविताओं को पढ़ा गया। विजय त्रिपाठी ने काव्य पाठ किया। दूसरी प्रस्तुति मृदुला गर्ग की कहानी ‘हरी बिंदी’ का मंचन रही। कहानी की मंचन परिकल्पना प्रियंका मेहरोत्रा ने किया। अभिनय प्रियंका मेहरोत्रा के साथ सौरभ चक्रवर्ती और संगीत सत्यम मिश्रा का रहा। इस कहानी में नारी के कोमल मन की भावनाओं को उकेरा गया। कविता प्रस्तुति में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मेधावी छात्रों शाश्वत उपाध्याय और सुशांत कुमार शर्मा ने अपनी अपनी मौलिक हिंदी और भोजपुरी कविताओं का पाठ किया। अगली प्रस्तुति शिव संभव नाट्य संस्था की रही। प्रतिमा सिन्हा की कविता ‘शाम और तुम’ का नाट्य मंचन किया गया। अभिनय यशवीर चौधरी और निर्देशन सुमित श्रीवास्तव का रहा। इसके बाद बनारस के युवा रंगकर्मी और लेखक उमेश भाटिया ने अपने लिखे मौलिक नाटक ‘दी प्रॉस्टिट्यूट एक्टर’ का पहला नाट्य मंचन प्रस्तुत किया। नाटक में अभिनय उमेश और नवीन चंद्रा का रहा। संगीत विवेक वर्मा और प्रस्तुति दशरूपक नाट्य संस्था की रही। रूम थिएटर फेस्टिवल के तीसरे दिन लेखक विश्वनाथ गोकर्ण और गीतकार डॉ. अत्रि भारद्वाज अतिथि के रुप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वागत सेतु के महासचिव सलीम राजा और धन्यवाद सेतु के अध्यक्ष डॉ. सुनील साह ने किया।
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