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छह अरब रुपये लैप्स होने के कगार पर
Updated Wed, 28 Mar 2018 02:07 AM IST
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वाराणसी। अफसरों की लापरवाही कहें या काम के प्रति उनका गैरजिम्मेदार रवैया, कारण चाहेे जो भी हों, विकास और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए शासन से जारी करीब छह अरब रुपये अब लैप्स होने के कगार पर हैं। वित्तीय वर्ष के समापन में तीन दिन बाकी हैं। इन तीन दिनों में यह धनराशि खर्च नहीं हुई तो शासन को वापस हो जाएगी। इससे संबंधित योजनाओं-कार्यक्रमों के प्रभावित होने से इसका खामियाजा वाराणसी के लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
शासन की ओर से वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए विभिन्न मदों में 81 अरब से ज्यादा का बजट वाराणसी में दिया गया। मगर, 27 मार्च तक 75 अरब रुपए ही खर्च किए जा सके हैं। शासन की ओर से विभिन्न विभागों को हर वर्ष आवंटित बजट को मार्च तक खर्च करना होता है। 31 मार्च तक कोषागार से जितनी धनराशि जारी होनी रह जाएगी, वह वापस शासन को चली जाएगी। हालांकि इन दिनों बजट जारी करने को लेकर सभी विभागों में भागदौड़ मची है। मगर, तीन दिन में करीब छह अरब रुपये जारी करना चुनौती मानी जा रही है। यहां बता दें कि इन दिनों कागजी खानापूर्ति कर विभाग अपने बजट को जारी कराने में जुटें हैं। मगर, मार्च तक बजट का यह हाल अफसरों की कार्यशैली को भी जाहिर कर रहा है।
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शासन की ओर से वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए विभिन्न मदों में 81 अरब से ज्यादा का बजट वाराणसी में दिया गया। मगर, 27 मार्च तक 75 अरब रुपए ही खर्च किए जा सके हैं। शासन की ओर से विभिन्न विभागों को हर वर्ष आवंटित बजट को मार्च तक खर्च करना होता है। 31 मार्च तक कोषागार से जितनी धनराशि जारी होनी रह जाएगी, वह वापस शासन को चली जाएगी। हालांकि इन दिनों बजट जारी करने को लेकर सभी विभागों में भागदौड़ मची है। मगर, तीन दिन में करीब छह अरब रुपये जारी करना चुनौती मानी जा रही है। यहां बता दें कि इन दिनों कागजी खानापूर्ति कर विभाग अपने बजट को जारी कराने में जुटें हैं। मगर, मार्च तक बजट का यह हाल अफसरों की कार्यशैली को भी जाहिर कर रहा है।
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