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सीडीपीओ और सुपरवाइजर को प्रतिकूल टिप्पणी
Updated Fri, 16 Feb 2018 01:28 AM IST
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ज्ञानपुर। कुपोषण के खिलाफ अभियान की समीक्षा को लेकर बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी विशाख जी ने मातहतों के पेच कसे। गोद लिए गांवों में निरीक्षण के दौरान कमियों के मद्देनजर डीएम ने सुरियावां ब्लॉक के सीडीपीओ और सुपरवाइजर को प्रतिकूल टिप्पणी दी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कुपोषण की रोकथाम के लिए आवश्यक है कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इसके लिए जनसमुदाय एवं स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर कुपोषित बच्चों की पहचान चिह्नीकरण और एनीमिया ग्रस्त गर्भवती माताओं की स्क्रीनिंग, चिह्नीकरण एवं कुपोषण की जटिलताओं से प्रभावित महिलाओं और बच्चों के प्रबंधन की व्यवस्था की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पांच वर्ष तक के कुल 171636 बच्चे पंजीकृत हैं। वजन किये गए बच्चे 168573, सामान्य बच्चे 131715 हैं। इनमें कुपोषित 24604 और अति कुपोषित बच्चे 12254 हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के 31 अधिकारियों ने 62 गांवों को गोद लिया है। गत माह में पांच अधिकारियों द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट न उपलब्ध कराने पर संबंधित अधिकारियों को दो दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कहा कि अधिकारी अपने-अपने द्वारा गोद लिये गांवों में जरूर अवश्य जाएं। निर्देश दिया कि छह माह में हर हाल में कुपोषण मुक्त बना दें। गत दिवस गोद लिये गांव में निरीक्षण के दौरान ऑगनबाड़ी केंद्रों में कमियों के मद्देनजर सीडीपीओ सुरियावां और सुपरवाइजर को प्रतिकूल टिप्पणी दी। साथ ही सुरियावां सीडीपीओ का चार्ज अन्य सीडीपीओ को देने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया।
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इसके लिए जनसमुदाय एवं स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर कुपोषित बच्चों की पहचान चिह्नीकरण और एनीमिया ग्रस्त गर्भवती माताओं की स्क्रीनिंग, चिह्नीकरण एवं कुपोषण की जटिलताओं से प्रभावित महिलाओं और बच्चों के प्रबंधन की व्यवस्था की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पांच वर्ष तक के कुल 171636 बच्चे पंजीकृत हैं। वजन किये गए बच्चे 168573, सामान्य बच्चे 131715 हैं। इनमें कुपोषित 24604 और अति कुपोषित बच्चे 12254 हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के 31 अधिकारियों ने 62 गांवों को गोद लिया है। गत माह में पांच अधिकारियों द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट न उपलब्ध कराने पर संबंधित अधिकारियों को दो दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कहा कि अधिकारी अपने-अपने द्वारा गोद लिये गांवों में जरूर अवश्य जाएं। निर्देश दिया कि छह माह में हर हाल में कुपोषण मुक्त बना दें। गत दिवस गोद लिये गांव में निरीक्षण के दौरान ऑगनबाड़ी केंद्रों में कमियों के मद्देनजर सीडीपीओ सुरियावां और सुपरवाइजर को प्रतिकूल टिप्पणी दी। साथ ही सुरियावां सीडीपीओ का चार्ज अन्य सीडीपीओ को देने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया।
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