{"_id":"59f241c74f1c1b86698b7c14","slug":"31509048775-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तारापुर और टिकरी में रात भर बालू का अवैध खनन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तारापुर और टिकरी में रात भर बालू का अवैध खनन
Updated Fri, 27 Oct 2017 01:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। रमना चौकी के पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से इन दिनों लंका थाना क्षेत्र के तारापुर और टिकरी में गंगा के बालू का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। हालत यह है कि रोजाना रात 12 बजे से भोर में चार बजे तक दर्जनों ट्रैक्टर, जेसीबी और हाईवा के शोर से ग्रामीण परेशान हैं और रमना चौकी और रात्रिकालीन गश्त पर निकले पुलिसकर्मी बेफिक्र।
तारापुर और टिकरी में हो रहे अवैध खनन की शिकायत ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से भी की लेकिन इस ओर ध्यान देने की किसी को फुरसत तक नहीं है। यह हाल तब है जब प्रदेश सरकार ने अवैध खनन करने वालों के साथ बेहद सख्ती से पेश आने का निर्देश डीएम और एसएसपी को दे रखा है।
तारापुर और टिकरी गांव में रोजाना आधी रात बाद गंगा किनारे चार जेसीबी, 50 ट्रैक्टर और 10 हाईवा सरपट भागते-दौड़ते नजर आते हैं। बालू के अवैध खनन से जुड़े एक व्यक्ति ने बुधवार को बताया कि रमना चौकी के पुलिसकर्मी प्रति ट्रैक्टर तीन हजार रुपये वसूलते हैं। इसके बाद हर चौराहे पर और रास्ते में मिलने वाले पुलिसकर्मियों पर लगभग एक हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यह बालू बाजार में आठ से दस हजार रुपये प्रति ट्रैक्टर बेचा जाता है। तारापुर से बालू लेकर ट्रैक्टर सरायडंगरी होते हुए मूड़ाडीह से खनाव और फिर अमरा अखरी चौराहा होते हुए शहर की ओर जाता है।
विज्ञापन
टिकरी से जो ट्रैक्टर निकलते हैं वे नरोत्तमपुर से डाफी, छित्तूपुर, भगवानपुर और लंका होते हुए शहर में जाते हैं। रोजाना रात में कितने ट्रैक्टर अवैध बालू लेकर जाएंगे इसकी सूची रमना चौकी के पुलिसकर्मियों को सौंपी जाती है। जिन ट्रैक्टरों में अवैध खनन कर बालू ले जाया जाता है उन्हें त्रिपाल से ढका जाता है।
विज्ञापन
तारापुर और टिकरी में हो रहे अवैध खनन की शिकायत ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से भी की लेकिन इस ओर ध्यान देने की किसी को फुरसत तक नहीं है। यह हाल तब है जब प्रदेश सरकार ने अवैध खनन करने वालों के साथ बेहद सख्ती से पेश आने का निर्देश डीएम और एसएसपी को दे रखा है।
विज्ञापन
तारापुर और टिकरी गांव में रोजाना आधी रात बाद गंगा किनारे चार जेसीबी, 50 ट्रैक्टर और 10 हाईवा सरपट भागते-दौड़ते नजर आते हैं। बालू के अवैध खनन से जुड़े एक व्यक्ति ने बुधवार को बताया कि रमना चौकी के पुलिसकर्मी प्रति ट्रैक्टर तीन हजार रुपये वसूलते हैं। इसके बाद हर चौराहे पर और रास्ते में मिलने वाले पुलिसकर्मियों पर लगभग एक हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यह बालू बाजार में आठ से दस हजार रुपये प्रति ट्रैक्टर बेचा जाता है। तारापुर से बालू लेकर ट्रैक्टर सरायडंगरी होते हुए मूड़ाडीह से खनाव और फिर अमरा अखरी चौराहा होते हुए शहर की ओर जाता है।
विज्ञापन
टिकरी से जो ट्रैक्टर निकलते हैं वे नरोत्तमपुर से डाफी, छित्तूपुर, भगवानपुर और लंका होते हुए शहर में जाते हैं। रोजाना रात में कितने ट्रैक्टर अवैध बालू लेकर जाएंगे इसकी सूची रमना चौकी के पुलिसकर्मियों को सौंपी जाती है। जिन ट्रैक्टरों में अवैध खनन कर बालू ले जाया जाता है उन्हें त्रिपाल से ढका जाता है।