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मरीजों के नाश्ते और भोजन पर संकट
Updated Tue, 04 Jul 2017 02:19 AM IST
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वाराणसी। जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाले भोजन, नाश्ते पर संकट आ गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बजट न मिलने के कारण भोजन और नाश्ता आपूर्ति करने वाली एजेंसी के करीब 33 लाख रुपये बकाए का भुगतान नहीं हो पा रहा है। अगर जल्द ही बजट नहीं मिला तो हालात गंभीर हो सकते हैं।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सुबह नाश्ता और दिन में दो समय भोजन देने का प्रावधान है। बनारस में मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, जिला महिला अस्पताल, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, रामनगर अस्पताल में हर दिन करीब 500 मरीजों में इसका वितरण कराया जाता है। इसके तहत मरीजों को नाश्ते में दूध, ब्रेड, अंडा और फल दिया जाता है वहीं भोजन में रोटी, चावल, दाल और सब्जी मिलती है। इस पर हर माह करीब 11 लाख रुपये का खर्च आता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिस एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी गई हैं, उसका अप्रैल से जून माह तक का भुगतान नहीं हुआ है। अस्पताल से जुड़े अधिकारियों ने शासन से बजट की मांग के लिए पत्र भी लिखा लेकिन कुछ नहीं हुआ। मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव, दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि जैसे ही बजट आएगा, एजेंसी को भुगतान कर दिया जाएगा।
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अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सुबह नाश्ता और दिन में दो समय भोजन देने का प्रावधान है। बनारस में मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, जिला महिला अस्पताल, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, रामनगर अस्पताल में हर दिन करीब 500 मरीजों में इसका वितरण कराया जाता है। इसके तहत मरीजों को नाश्ते में दूध, ब्रेड, अंडा और फल दिया जाता है वहीं भोजन में रोटी, चावल, दाल और सब्जी मिलती है। इस पर हर माह करीब 11 लाख रुपये का खर्च आता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिस एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी गई हैं, उसका अप्रैल से जून माह तक का भुगतान नहीं हुआ है। अस्पताल से जुड़े अधिकारियों ने शासन से बजट की मांग के लिए पत्र भी लिखा लेकिन कुछ नहीं हुआ। मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव, दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि जैसे ही बजट आएगा, एजेंसी को भुगतान कर दिया जाएगा।
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