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असि के तट पर रवींद्रपुरी में विकसित होगा उद्यान
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:08 AM IST
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वाराणसी। ईद की खुशियों से पहले असि नदी में बहार ही आहट मिलने लगेगी। रवींद्रपुरी पुलिया के पास अतिक्रमण मुक्त कराए गए तट पर असि नदी उद्यान विकसित करने का काम शुरू हो गया है। मंगलवार को इस उद्यान में पौधे रोपे गए। नदी के किनारों को चौड़ा करने के लिए दिन भर सिल्ट की खुदाई कराई गई। ईद बाद 10 किमी लंबी नदी के किनारों पर किए गए अतिक्रमण का सर्वे आरंभ कर दिया जाएगा।
असि नदी मुक्ति अभियान, यमुना मिशन, साझा संस्कृति मंच, अग्रणी भारत समेत कई संस्थाएं असि नदी को बचाने की मुहिम से जुड़ गई हैं। हर रोज नए लोग असि के अभियान से जुड़ रहे हैं। मंगलवार को असि नदी के तट पर उद्यान में पौधे रोपने का सिलसिला चला। अभियान कर्मियों ने सिल्ट हटाने के लिए पसीना बहाया। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के सलाहकार आरएन सिंह ने बताया कि रविवासरीय श्रमदान का सिलसिला अब जल्द ही नियमित किया जाएगा। नदी को अतिक्रमण मुक्त कराना सबसे बड़ी चुनौती है। इसे सिर्फ जन सहयोग के ही बल पर पूरा किया जा सकता है। फिलहाल जहां जरूरत पड़ेगी, वहां प्रशासन की भी मदद ली जाएगी। कोशिश हो रही है कि लोग स्वेच्छया से असि नदी के किनारों पर किए गए अतिक्रमण को छोड़ दें, ताकि नदी को मूल रूप में लाया जा सके। ईद बाद नदी के पुनर्जीवन के लिए विशेष योजना बनाने के संकेत उन्होंने दिए।
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असि नदी मुक्ति अभियान, यमुना मिशन, साझा संस्कृति मंच, अग्रणी भारत समेत कई संस्थाएं असि नदी को बचाने की मुहिम से जुड़ गई हैं। हर रोज नए लोग असि के अभियान से जुड़ रहे हैं। मंगलवार को असि नदी के तट पर उद्यान में पौधे रोपने का सिलसिला चला। अभियान कर्मियों ने सिल्ट हटाने के लिए पसीना बहाया। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के सलाहकार आरएन सिंह ने बताया कि रविवासरीय श्रमदान का सिलसिला अब जल्द ही नियमित किया जाएगा। नदी को अतिक्रमण मुक्त कराना सबसे बड़ी चुनौती है। इसे सिर्फ जन सहयोग के ही बल पर पूरा किया जा सकता है। फिलहाल जहां जरूरत पड़ेगी, वहां प्रशासन की भी मदद ली जाएगी। कोशिश हो रही है कि लोग स्वेच्छया से असि नदी के किनारों पर किए गए अतिक्रमण को छोड़ दें, ताकि नदी को मूल रूप में लाया जा सके। ईद बाद नदी के पुनर्जीवन के लिए विशेष योजना बनाने के संकेत उन्होंने दिए।
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