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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   28-day Sri Ram Katha ended, farewell given to Katha Vyas

Varanasi: 'राजा वही सफल होता है जो राजा बनने से पूर्व ही अपने नगर में घूम घूमकर प्रजा के सुखदुख देख ले'

Sat, 13 Aug 2022 08:09 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज नेटवर्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज नेटवर्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 13 Aug 2022 08:09 AM IST
सार

दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ के प्रांगण में चल रहे 115वें करपात्र प्राकट्योत्सव के अवसर पर  रामकथा का आयोजन किया गया। विराम दिवस पर रामराज्याभिषेक की कथा सुनाई गई। 
भक्तों को प्रवचन देते हुए धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि समाज में राम राज्य की परिकल्पना तभी साकार होगी जब हमारे अंदर परिवर्तन होगा। 

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28-day Sri Ram Katha ended, farewell given to Katha Vyas
रामायण - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

विस्तार

मानस मर्मज्ञ संत मुरलीधर महाराज ने कहा कि राजा वही सफल होता है जो राजा बनने से पूर्व ही अपने नगर में घूम घूमकर प्रजा के सुखदुख देख लिया करता है। राज्याभिषेक में प्रतीक्षा भी जरूरी है। शीघ्रता से कभी रामराज्य नहीं आ सकता है। परमात्मा के प्रति सच्ची प्रीति हो तो उनके मिलने में संदेह नहीं रह जाता है।
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वह शुक्रवार को दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ के प्रांगण में चल रहे 115वें करपात्र प्राकट्योत्सव के अवसर पर आयोजित रामकथा के विराम दिवस पर रामराज्याभिषेक की कथा सुना रहे थे। संत मुरलीधर महाराज ने कहा कि समस्त प्रेम का परिपक्व स्वरूप ही राम राज्याभिषेक है। संपूर्ण प्रेम की पूर्णता ही राम राज्याभिषेक है। उच्चतम चेतना और आंतरिक ऊर्जा का संपूर्ण विकास ही राम राज्याभिषेक है इसलिए हर जगह, हर गांव, हर समाज व हर देश में राम राज्य की कल्पना की जाती है। इस राज्य में परस्पर लोग प्रेम करते हैं। अपने जीवन की उच्चतम चेतना और आंतरिक उर्जा का संपूर्ण विकास ही श्रीराम राज्याभिषेक है।
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कथा के विश्राम दिवस पर उपस्थित भक्तों को प्रवचन देते हुए धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि समाज में राम राज्य की परिकल्पना तभी साकार होगी जब हमारे अंदर परिवर्तन होगा, राम चरित मानस की प्रत्येक चौपाई रामराज्य की अवधारणा को और प्रबल करती है, आवश्यकता है हमें उसका अनुसरण करने की। कथा की पूर्णाहुति पर पंडित जगजीतन पांडेय ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन कर कथा व्यास को विदाई दी। इस अवसर पर विजय मोदी, राजमंगल पांडेय, सुमित सराफ शामिल रहे।
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