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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   24 thousand 758 illegal constructions including 12 thousand commercial in Kashi

सर्वे से सामने आया सच: काशी में 24 हजार 758 अवैध निर्माण, इनमें 12 हजार से ज्यादा तो व्यावसायिक

Mon, 05 Aug 2024 09:14 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 05 Aug 2024 09:14 AM IST
सार

बनारस में 24,758 अवैध निर्माण हुए हैं। इनमें 12 हजार से ज्यादा तो व्यावसायिक हैं। इसका खुलासा शासन स्तर से हुए सर्वे में हुआ था। मामले में कार्रवाई के बजाय वीडीए के जोनल अधिकारियों ने फाइलों का पेट भर दिया। 

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24 thousand 758 illegal constructions including 12 thousand commercial in Kashi
वीडीए ने सील किया अवैध निर्माण। - फोटो : वीडीए

विस्तार

शासन स्तर से हुए सर्वे में बनारस में 24758 अवैध निर्माण पाए गए थे। इनकी बाकायदा वीडीए ने सूची भी तैयार कराई थी। इनमें ज्यादातर अवैध निर्माण अखरी, चुनार रोड, अवलेशपुर, चितईपुर में पाए गए थे। इनमें कुछ पर कार्रवाई की गई थी। बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ये सर्वे शासन स्तर से एक साल पहले हुआ था। अब इनकी संख्या और भी बढ़ गई होगी।

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शहर के ये अवैध निर्माण ऐसे हैं, जिनकी कार्रवाई केवल फाइलों में कैद है। जहां धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहे हैं तो ऐसी फाइलों की संख्या बढ़ती जा रही है। वाराणसी विकास प्राधिकरण को पांच जोन में बांटा गया है। सभी के जोनल अधिकारी बनाए गए हैं।
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अवर अभियंता और मेट भी प्रत्येक क्षेत्र में अलग-अलग तैनात किए गए हैं। इस पूरी टीम का काम केवल यही है कि वह अवैध निर्माण की न केवल तत्काल सूचना दें बल्कि उस पर प्रभावी कार्रवाई भी कराएं। इतनी बड़ी टीम ने ऐसे निर्माणों पर अंकुश लगाने की बजाय उन्हें बढ़ावा दिया।

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शहर के सभी जोन में अवैध निर्माण होते रहे। वीडीए के जोनल अधिकारियों ने केवल फाइलों का पेट भरा। खुद को सुरक्षित करने के लिए भी फाइलों में सारी कार्रवाई की गई क्योंकि यदि मामला खुले और पूछा जाए कि क्या एक्शन लिया तो पूरी फाइल पेश कर दी जाए। इसमें चालान भी काटे गए हैं। सीलिंग की डेट भी तय है। शहर के बीचोंबीच बड़ी बड़ी इमारतें तन गई। 

गंगा, वरुणा और असि नदी के आसपास भी निर्माणों की बाढ़ आ गई। वीडीए केवल फाइलों में ही खेल करता रहा। आवासीय को भी यदि छोड़ दिया जाए तो इनमें आधे से ज्यादा निर्माण तो व्यावसायिक हैं। कई मामलों में बिल्डरों ने अवैध निर्माण करा दिए। यही कारण है भवन बनाने वालों ने बेसमेंट को भी बेच दिया था।

अपर मुख्य सचिव आवास का फरमान कराएं स्ट्रक्चर व सेफ्टी जांच

अपर मुख्य सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण की ओर से प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि अवैध निर्माणों को प्राथमिकता पर निस्तारित कराएं। बहुमंजिला भवनों जिनमें भवन निर्माण व विकास उपविधि के अनुसार स्ट्रक्चर व सेफ्टी की जांच कराएं। इन पर शासन के निर्देशानुसार निस्तारण भी कराया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक नक्शा पास कराने पर भी जोर दिया है।

क्या बोले अधिकारी
पुराने और नए सभी अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जा रही है। आम जनता से अपील है कि बगैर वीडीए से मानचित्र स्वीकृत कराए किसी प्रकार का निर्माण न कराएं। अन्यथा जांच में यदि मानचित्र के विपरीत निर्माण पाएगा जाएगा तो सील और ध्वस्तीकरण कराए जाएंगे। - पुलकित गर्ग, उपाध्यक्ष वीडीए
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