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विपक्षी दल ले रहे टोह, कार्यकर्ताओं में ऊहापोह
Thu, 04 Apr 2019 10:05 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Thu, 04 Apr 2019 10:05 AM IST
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केंद्र में अगली सरकार बनाने का दावा कर रही कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल की 12 सीटों पर उम्मीदवार तय नहीं कर पाया है। भाजपा और सहयोगी दलों के मुकाबले कांग्रेस और गठबंधन के नेता अब भी उसकी रणनीति की टोह ले रहे हैं, जबकि भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन ने इसी क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दो केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समेत सात प्रत्याशी घोषित कर जाहिर कर दिया है कि वह पूर्वांचल में विपक्ष को जगह नहीं देगा।
भाजपा प्रचार में भी आगे निकल गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में दो बार आकर चुनावी माहौल तैयार कर चुके हैं। भाजपा के प्रदेश सह मंत्री सुनील ओझा हर दिन समर्थकों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन भी यहां डेरा डाल चुके हैं। भाजपा ने राबटर्सगंज सीट अद (एस) के लिए छोड़ दी है, जबकि भदोही, घोसी, लालगंज और जौनपुर के प्रत्याशियों के नाम पर मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह घोषणा हो जाएगी।
दूसरी ओर विपक्ष की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा में देरी से कार्यकर्ता ऊहापोह में हैं। नेता भी मनोवैज्ञानिक दबाव में है और बड़े नेताओं की ओर से निर्देश न मिलने और नाम तय न होने के कारण प्रचार तक शुरू नहीं हो सका है। भाजपा गठबंधन के बड़े नेताओं के मुकाबले कांग्रेस केवल मिर्जापुर से ललितेशपति त्रिपाठी की उम्मीदवारी घोषित कर सकी है।
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वाराणसी में पीएम मोदी से मुकाबले के लिए कांग्रेस में शामिल हो चुके हार्दिक पटेल और भीम आर्मी के चंद्रशेखर के अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नाम की अटकलें भर हैं। वहीं गाजीपुर में मनोज सिन्हा के खिलाफ लड़ने के लिए वह बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकारी पार्टी के सहारे है। चंदौली में कुशवाहा की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा की उम्मीदवारी की चर्चा है लेकिन कांग्रेसी घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
गठबंधन भी आजमगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलावा चर्चित उम्मीदवार तय नहीं कर पाया है। गाजीपुर से बसपा से अफजाल अंसारी का नाम हवा में है तो जौनपुर को लेकर गठबंधन पशोपेश में है। इसी के साथ बलिया में नीरज शेखर और अंबिका चौधरी को लेकर पेच फंसा हुआ है। चंदौली सीट के लिए हर सप्ताह अलग-अलग नाम सामने आ जाते हैं। मिर्जापुर में पार्टी ने नए चेहरे पर दांव लगाया है। वाराणसी से भी सपा प्रत्याशी के तौर पर सुरेंद्र पटेल का सिर्फ नाम ही लिया जा रहा है।
अब तक घोषित उम्मीदवार
वाराणसी: नरेंद्र मोदी (भाजपा)
चंदौली: डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय (भाजपा)
आजमगढ़: अखिलेश यादव (सपा-बसपा गठबंधन), दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ (भाजपा)
गाजीपुर: मनोज सिन्हा (भाजपा)
मिर्जापुर: अनुप्रिया पटेल (भाजपा-अद एस गठबंधन), राजेंद्र एस बिंद (सपा-बसपा गठबंधन), ललितेशपति त्रिपाठी (कांग्रेस)
राबर्ट्सगंज: भाई लाल कोल (सपा-बसपा गठबंधन), भगवती प्रसाद चौधरी (कांग्रेस)
घोसी: बाल कृष्ण चौहान (कांग्रेस)
बलिया: वीरेंद्र सिंह मस्त (भाजपा)
मछलीशहर: बीपी सरोज (भाजपा)
(भदोही, लालगंज और जौनपुर से प्रमुख दलों के प्रत्याशी घोषित नहीं हुए हैं।)
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भाजपा प्रचार में भी आगे निकल गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में दो बार आकर चुनावी माहौल तैयार कर चुके हैं। भाजपा के प्रदेश सह मंत्री सुनील ओझा हर दिन समर्थकों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन भी यहां डेरा डाल चुके हैं। भाजपा ने राबटर्सगंज सीट अद (एस) के लिए छोड़ दी है, जबकि भदोही, घोसी, लालगंज और जौनपुर के प्रत्याशियों के नाम पर मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह घोषणा हो जाएगी।
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दूसरी ओर विपक्ष की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा में देरी से कार्यकर्ता ऊहापोह में हैं। नेता भी मनोवैज्ञानिक दबाव में है और बड़े नेताओं की ओर से निर्देश न मिलने और नाम तय न होने के कारण प्रचार तक शुरू नहीं हो सका है। भाजपा गठबंधन के बड़े नेताओं के मुकाबले कांग्रेस केवल मिर्जापुर से ललितेशपति त्रिपाठी की उम्मीदवारी घोषित कर सकी है।
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वाराणसी में पीएम मोदी से मुकाबले के लिए कांग्रेस में शामिल हो चुके हार्दिक पटेल और भीम आर्मी के चंद्रशेखर के अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नाम की अटकलें भर हैं। वहीं गाजीपुर में मनोज सिन्हा के खिलाफ लड़ने के लिए वह बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकारी पार्टी के सहारे है। चंदौली में कुशवाहा की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा की उम्मीदवारी की चर्चा है लेकिन कांग्रेसी घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
गठबंधन भी आजमगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलावा चर्चित उम्मीदवार तय नहीं कर पाया है। गाजीपुर से बसपा से अफजाल अंसारी का नाम हवा में है तो जौनपुर को लेकर गठबंधन पशोपेश में है। इसी के साथ बलिया में नीरज शेखर और अंबिका चौधरी को लेकर पेच फंसा हुआ है। चंदौली सीट के लिए हर सप्ताह अलग-अलग नाम सामने आ जाते हैं। मिर्जापुर में पार्टी ने नए चेहरे पर दांव लगाया है। वाराणसी से भी सपा प्रत्याशी के तौर पर सुरेंद्र पटेल का सिर्फ नाम ही लिया जा रहा है।
अब तक घोषित उम्मीदवार
वाराणसी: नरेंद्र मोदी (भाजपा)
चंदौली: डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय (भाजपा)
आजमगढ़: अखिलेश यादव (सपा-बसपा गठबंधन), दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ (भाजपा)
गाजीपुर: मनोज सिन्हा (भाजपा)
मिर्जापुर: अनुप्रिया पटेल (भाजपा-अद एस गठबंधन), राजेंद्र एस बिंद (सपा-बसपा गठबंधन), ललितेशपति त्रिपाठी (कांग्रेस)
राबर्ट्सगंज: भाई लाल कोल (सपा-बसपा गठबंधन), भगवती प्रसाद चौधरी (कांग्रेस)
घोसी: बाल कृष्ण चौहान (कांग्रेस)
बलिया: वीरेंद्र सिंह मस्त (भाजपा)
मछलीशहर: बीपी सरोज (भाजपा)
(भदोही, लालगंज और जौनपुर से प्रमुख दलों के प्रत्याशी घोषित नहीं हुए हैं।)