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पहले खाया रिंच, दर्द हुआ तो पहुंचा बीएचयू अस्पताल
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में एक ऐसे मरीज का इलाज चल रहा है, जिसने नट बोल्ट, खोले जाने वाले रिंच को खा लिया । जब पेट में दर्द शुरू हुआ तो परिवारीजन उसे अस्पताल ले आए। यहां सबसे पहले गैस्ट्रोलॉजी डिपार्टमेंट में इलाज कराया, जहां जांच के बाद पता चला कि आंत में रिंच फंसी है। इसके बाद उसे सर्जरी विभाग रेफर किया गया। जहां डॉ. एसके तिवारी के निर्देशन में उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय नाथ मिश्र के मुताबिक संबंधित मरीज मानसिक रोगी है। कोशिश की जा रही है कि दवा से रिंच बाहर आ जाए नहीं तो ऑपरेशन किया जाएगा।
लोहता के भट्ठी गांव निवासी दिलीप (45) ने कुछ दिन पहले एक रिंच खा लिया था। इसकी जानकारी घर वालों को तब हुई जब उसके पेट में तेज दर्द हुआ। पहले घर के आसपास दिखाया गया जब यहां कोई राहत नहीं मिली तो उसे बीएचयू लेकर आए। यहां गैस्ट्रोलॉजी में पहले इलाज शुरू हुआ, जहां जांच कराया गया तो रिंच फंसे होने की रिपोर्ट आई। कुछ दिन तक यहां इलाज करने के बाद उसे सर्जरी विभाग भेज दिया गया। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि डॉ.एसके तिवारी मरीज का इलाज कर रहे हैं। बताया कि दाहिने तरफ की आंत में रिंच फंसी हुई है। संभावना है कि दवा से एक सप्ताह के भीतर रिंच बाहर आ जाएगी, अगर नहीं निक ली तो ऑपरेशन करना पड़ेगा। बताया कि जिस आंत में फंसी है, उसके नीचे हृदय वाली नस है, जिसमें लापरवाही बरतने पर मौत का भी खतरा रहता है।
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लोहता के भट्ठी गांव निवासी दिलीप (45) ने कुछ दिन पहले एक रिंच खा लिया था। इसकी जानकारी घर वालों को तब हुई जब उसके पेट में तेज दर्द हुआ। पहले घर के आसपास दिखाया गया जब यहां कोई राहत नहीं मिली तो उसे बीएचयू लेकर आए। यहां गैस्ट्रोलॉजी में पहले इलाज शुरू हुआ, जहां जांच कराया गया तो रिंच फंसे होने की रिपोर्ट आई। कुछ दिन तक यहां इलाज करने के बाद उसे सर्जरी विभाग भेज दिया गया। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि डॉ.एसके तिवारी मरीज का इलाज कर रहे हैं। बताया कि दाहिने तरफ की आंत में रिंच फंसी हुई है। संभावना है कि दवा से एक सप्ताह के भीतर रिंच बाहर आ जाएगी, अगर नहीं निक ली तो ऑपरेशन करना पड़ेगा। बताया कि जिस आंत में फंसी है, उसके नीचे हृदय वाली नस है, जिसमें लापरवाही बरतने पर मौत का भी खतरा रहता है।
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