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आयुर्वेद युवा महोत्सव के विजेता पुरस्कृत
Updated Mon, 19 Nov 2018 02:15 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में चल रहे तीन दिवसीय आयुर्वेद युवा महोत्सव संयोजनम् का रविवार को पुरस्कार वितरण के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन जहां प्रतिभागियों ने अलग-अलग योगासन से बीमारियों के निवारण के बारे में जानकारी हासिल की वहीं आयुर्वेद लेख प्रतियोगिता के माध्यम से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा दिए जाने का संदेश दिया। विजेताओं को नगद पुरस्कार, प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।
विश्व आयुर्वेद परिषद और आयुर्वेद संकाय के तत्वावधान में चल रहे महोत्सव के अंतिम दिन सुबह योगाभ्यास के बाद डॉ. केके पांडेय, डॉ. आरके जायसवाल आदि ने नाक, कान, गला आदि बीमारियों में आयुर्वेदिक पद्धतियों से इलाज की विधि बताई। डॉ. अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि आयुर्वेद पद्धति की मांग देश, विदेशों में बढ़ती जा रही है, ऐसे में जिम्मेदारी है कि अधिक से अधिक लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाए। वैद्य गंगा सहाय पाण्डेय राष्ट्रीय आयुर्वेद लेख प्रतियोगिता में बीएचयू, मेरठ, कर्नाटक आदि जगहों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें कर्नाटक से कस्तूरी रंजन उड़पी को पहला, फर्रुखाबाद से हिमांशु को दूसरा और बनारस के धर्मेन्द्र कुमार वर्मा को तीसरा पुरस्कार दिया गया। सभी को क्रमश: 15 हजार , 10 हजार और 7500 रुपये देकर पुरस्कृत किया गया। अन्य प्रतियोगिताओं में राजकीय आयुर्वेद कॉलेज वाराणसी, आईएमएस बीएचयू, जीवक आयुर्वेदिक कॉलेज और महावीर आयुर्वेदिक कॉलेज मेरठ के छात्रों को संकाय प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी, आयोजन सचिव डॉ. एके द्विवेदी, डॉ. केके द्विवेदी, नेपाल से आए आरआर कोइराला, श्रीलंका से आरएस जयवर्द्धने आदि को पुरस्कृत किया गया।
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विश्व आयुर्वेद परिषद और आयुर्वेद संकाय के तत्वावधान में चल रहे महोत्सव के अंतिम दिन सुबह योगाभ्यास के बाद डॉ. केके पांडेय, डॉ. आरके जायसवाल आदि ने नाक, कान, गला आदि बीमारियों में आयुर्वेदिक पद्धतियों से इलाज की विधि बताई। डॉ. अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि आयुर्वेद पद्धति की मांग देश, विदेशों में बढ़ती जा रही है, ऐसे में जिम्मेदारी है कि अधिक से अधिक लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाए। वैद्य गंगा सहाय पाण्डेय राष्ट्रीय आयुर्वेद लेख प्रतियोगिता में बीएचयू, मेरठ, कर्नाटक आदि जगहों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें कर्नाटक से कस्तूरी रंजन उड़पी को पहला, फर्रुखाबाद से हिमांशु को दूसरा और बनारस के धर्मेन्द्र कुमार वर्मा को तीसरा पुरस्कार दिया गया। सभी को क्रमश: 15 हजार , 10 हजार और 7500 रुपये देकर पुरस्कृत किया गया। अन्य प्रतियोगिताओं में राजकीय आयुर्वेद कॉलेज वाराणसी, आईएमएस बीएचयू, जीवक आयुर्वेदिक कॉलेज और महावीर आयुर्वेदिक कॉलेज मेरठ के छात्रों को संकाय प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी, आयोजन सचिव डॉ. एके द्विवेदी, डॉ. केके द्विवेदी, नेपाल से आए आरआर कोइराला, श्रीलंका से आरएस जयवर्द्धने आदि को पुरस्कृत किया गया।
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