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बीएचयू चीफ प्रॉक्टर सहित 29 के खिलाफ मुकदमा00
Updated Wed, 02 May 2018 02:12 AM IST
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वाराणसी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह सहित 29 के खिलाफ लंका थाने में हत्या का प्रयास, लूट, बलवा, आपराधिक
साजिश सहित 12 आरोपों में लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई नरिया निवासी आशीष कुमार सिंह के प्रार्थना पत्र पर की गई है। इस मामले में न्यायालय के आदेश के बावजूद लंका पुलिस मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली कर रही थी जिसे लेकर अदालत ने थानाध्यक्ष को चार मई को तलब किया है।
नरिया निवासी आशीष का आरोप है कि बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह, संपदा विभाग के लालबाबू पटेल, मुख्य आरक्षाधिकारी संसार सिंह, सुरक्षाकर्मी विनोद सिंह व सुनील सिंह और 24 अज्ञात सुरक्षाकर्मी सात और 20 मार्च को उनके घर पर आए। इस दौरान आशीष और उनके परिजनों की पिटाई कर गालीगलौज किया गया। इसके साथ ही उनकी लकड़ी की दुकान में आग लगा दी गई और फायरिंग कर हत्या का प्रयास किया गया। हर बार घटना की जानकारी लंका थाने और उच्चाधिकारियों को दी गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस वजह से न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। इस संबंध में इंस्पेक्टर लंका ने बताया कि न्यायालय के आदेश के पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
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साजिश सहित 12 आरोपों में लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई नरिया निवासी आशीष कुमार सिंह के प्रार्थना पत्र पर की गई है। इस मामले में न्यायालय के आदेश के बावजूद लंका पुलिस मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली कर रही थी जिसे लेकर अदालत ने थानाध्यक्ष को चार मई को तलब किया है।
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नरिया निवासी आशीष का आरोप है कि बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह, संपदा विभाग के लालबाबू पटेल, मुख्य आरक्षाधिकारी संसार सिंह, सुरक्षाकर्मी विनोद सिंह व सुनील सिंह और 24 अज्ञात सुरक्षाकर्मी सात और 20 मार्च को उनके घर पर आए। इस दौरान आशीष और उनके परिजनों की पिटाई कर गालीगलौज किया गया। इसके साथ ही उनकी लकड़ी की दुकान में आग लगा दी गई और फायरिंग कर हत्या का प्रयास किया गया। हर बार घटना की जानकारी लंका थाने और उच्चाधिकारियों को दी गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस वजह से न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। इस संबंध में इंस्पेक्टर लंका ने बताया कि न्यायालय के आदेश के पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
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