{"_id":"5a820a674f1c1ba1268b9f7a","slug":"21518471783-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीवारों पर रंगों ने दिया ईंधन संरक्षण का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीवारों पर रंगों ने दिया ईंधन संरक्षण का संदेश
Updated Tue, 13 Feb 2018 03:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ/वाराणसी। दीवारों पर रंगों के जरिए कलाकारों ने ईंधन और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश दिया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ और अमर उजाला की ओर से ‘सक्षम’ संरक्षण क्षमता महोत्सव के तहत लखनऊ में आयोजित वॉल पेंटिंग में प्रतियोगिता में शामिल 12 अलग अलग टीमों ने दीवारों पर अपनी कला को उकेरा, जिसमें पृथ्वी पर मंडराते खतरों से रूबरू कराया तो उसे बचाने का सशक्त संदेश दिया।
अमर उजाला व पीसीआरए के सक्षम अभियान के तहत लखनऊ यूनिवर्सिटी के कला व शिल्प महाविद्यालय में सोमवार को आयोजित इस वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता में पहला स्थान डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की टीम ने हासिल किया तो दूसरे और तीसरे स्थान पर वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के डॉ. विभूति नारायण गंगापुर कैंपस और एनटीपीसी कैंपस रहा। इन दोनों टीम का नेतृत्व डॉ. शशिकांत नाग, सुमित घोष और प्रशांत कुमार विश्वकर्मा ने किया। गंगापुर व एनटीपीसी कैंपस के निदेशक प्रो. शंभुनाथ उपाध्याय और प्रो. श्रद्धानंद ने विजेताओं के उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रथम पुरस्कार के तौर पर विजेता टीम के सभी चार सदस्यों को 15-15 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार पाने वाली टीम के चारों सदस्यों को 10-10 हजार और तृतीय पुरस्कार में चारों सदस्यों को पांच-पांच हजार रुपए दिए गए। प्रतिभाग करने वाले सभी सदस्यों को 500 रुपए का इनाम दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों के अंधाधुंध इस्तेमाल का दुष्परिणाम बिगड़ते पर्यावरण के तौर पर हमारे सामने है। इससे पृथ्वी को तो खतरा है ही, संसाधनों के बेजा इस्तेमाल समाज में अन्य विषमताएं भी पैदा कर रहा है। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली टीमों से उन्होंने कहा कि वॉल पेंटिंग लोगों तक सूचना व विचार पहुंचाने का बेहद सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागियों का आह्वान किया कि वे अपने स्तर से शहर की सड़कों के किनारे ऐसी पेंटिंग बनाएं जो लोगों को ईंधन संरक्षण के लिए प्रेरित करें। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित समुदाय को पेट्रोलियम पदार्थों के संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
विज्ञापन
ट्विटर प्रतियोगिता के भी चुने जाएंगे विजेता
प्रतियोगिता की अगली कड़ी में पहले तीन विजेताओं की पेंटिंग को ट्विटर हैंडिल पर पोस्ट किया गया है। 14 फरवरी तक जिस चित्र को सबसे ज्यादा रिट्वीट किया जाएगा, उसके विजेता को पांच हजार, 2500 और 1500 रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।
विज्ञापन
अमर उजाला व पीसीआरए के सक्षम अभियान के तहत लखनऊ यूनिवर्सिटी के कला व शिल्प महाविद्यालय में सोमवार को आयोजित इस वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता में पहला स्थान डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की टीम ने हासिल किया तो दूसरे और तीसरे स्थान पर वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के डॉ. विभूति नारायण गंगापुर कैंपस और एनटीपीसी कैंपस रहा। इन दोनों टीम का नेतृत्व डॉ. शशिकांत नाग, सुमित घोष और प्रशांत कुमार विश्वकर्मा ने किया। गंगापुर व एनटीपीसी कैंपस के निदेशक प्रो. शंभुनाथ उपाध्याय और प्रो. श्रद्धानंद ने विजेताओं के उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रथम पुरस्कार के तौर पर विजेता टीम के सभी चार सदस्यों को 15-15 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार पाने वाली टीम के चारों सदस्यों को 10-10 हजार और तृतीय पुरस्कार में चारों सदस्यों को पांच-पांच हजार रुपए दिए गए। प्रतिभाग करने वाले सभी सदस्यों को 500 रुपए का इनाम दिया गया।
विज्ञापन
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों के अंधाधुंध इस्तेमाल का दुष्परिणाम बिगड़ते पर्यावरण के तौर पर हमारे सामने है। इससे पृथ्वी को तो खतरा है ही, संसाधनों के बेजा इस्तेमाल समाज में अन्य विषमताएं भी पैदा कर रहा है। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली टीमों से उन्होंने कहा कि वॉल पेंटिंग लोगों तक सूचना व विचार पहुंचाने का बेहद सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागियों का आह्वान किया कि वे अपने स्तर से शहर की सड़कों के किनारे ऐसी पेंटिंग बनाएं जो लोगों को ईंधन संरक्षण के लिए प्रेरित करें। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित समुदाय को पेट्रोलियम पदार्थों के संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
विज्ञापन
ट्विटर प्रतियोगिता के भी चुने जाएंगे विजेता
प्रतियोगिता की अगली कड़ी में पहले तीन विजेताओं की पेंटिंग को ट्विटर हैंडिल पर पोस्ट किया गया है। 14 फरवरी तक जिस चित्र को सबसे ज्यादा रिट्वीट किया जाएगा, उसके विजेता को पांच हजार, 2500 और 1500 रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।