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धनबल और सताबल से था मुकाबला
Updated Sun, 03 Dec 2017 02:14 AM IST
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वाराणसी। ‘हम तो मुद्दों की राजनीति कर रहे थे लेकिन चुनाव में हमारा मुकाबला धनबल और सत्ताबल से था। हमने काशीवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की ठानी थी और इसे अब भी पूरा करेंगे।’ यह कहना है कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी शालिनी यादव की। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि एक लाख 13 हजार लोगों के वोट मिलना इस बात का प्रमाण है कि जनता भी हमारे साथ है। अगर नई मेयर ने छह माह के भीतर शहर के हालात में सुधार नहीं किए तो हम जनता के हक के लिए सड़क पर उतरेंगे।
शालिनी ने कहा कि काशी की मेयर बनने की ख्वाहिश भले पूरी न हो सकी हो पर हौसले में तनिक भी कमी नहीं आई है। उन्होंने पांचवीं बार मेयर की कुर्सी पर कब्जा करने वाली बीजेपी को छह महीने की मोहलत दी है। नगर निगम सदन में पार्टी के 19 पार्षद थे जो अब 22 हो गए। 1995 से अब तक मेयर का चुनाव लड़ने वाले किसी कांग्रेस प्रत्याशी को एक लाख मत नहीं मिले थे। जनता ने हमें वह सम्मान दिया।
चुनाव के बाद अब क्या करेंगी, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि अब पैर पीछे खींचने का सवाल ही नहीं पैदा होता। मैं काशी की जनता के साथ कदम से कदम मिला कर खड़ी रहूंगी। अब पीछे मुड़ कर नहीं देखने वाली।
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शालिनी ने कहा कि काशी की मेयर बनने की ख्वाहिश भले पूरी न हो सकी हो पर हौसले में तनिक भी कमी नहीं आई है। उन्होंने पांचवीं बार मेयर की कुर्सी पर कब्जा करने वाली बीजेपी को छह महीने की मोहलत दी है। नगर निगम सदन में पार्टी के 19 पार्षद थे जो अब 22 हो गए। 1995 से अब तक मेयर का चुनाव लड़ने वाले किसी कांग्रेस प्रत्याशी को एक लाख मत नहीं मिले थे। जनता ने हमें वह सम्मान दिया।
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चुनाव के बाद अब क्या करेंगी, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि अब पैर पीछे खींचने का सवाल ही नहीं पैदा होता। मैं काशी की जनता के साथ कदम से कदम मिला कर खड़ी रहूंगी। अब पीछे मुड़ कर नहीं देखने वाली।
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