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शिक्षकों की नियुक्तियों में हो रही धांधली
Updated Sat, 02 Sep 2017 02:04 AM IST
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में हो रहीं शिक्षकों की नियुक्तियों पर कुलसचिव ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रबंधक रिश्वत लेकर अपात्र व्यक्तियों का चयन कर रहे हैं। इस तरह की उन्हें कई शिकायतें मिली हैं। शुक्रवार को उन्होंने कुलपति को पत्र लिखकर चयन प्रक्रिया में सुधार और बदलाव करने का सुझाव दिया है।
कुलपति को लिखे पत्र में कुलसचिव ने कहा है कि अध्यापकों के चयन में प्रबंधकों द्वारा रिश्वत ली जा रही है। भाई-भतीजावाद के आधार पर नियुक्तियां की जा रही हैं। इसमें सुधार के लिए रिक्त पदों के पर चयन का विज्ञापन तीन राष्ट्रीय अखबारों के तीन अंकों में प्रकाशित कराया जाना चाहिए। चयन प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग कराई जाए। चयन समिति में कम से कम तीन विषय विशेषज्ञ भेजे जाएं, जिनमें दो की सहमति चयन के लिए अनिवार्य हो। वरिष्ठतम विषय विशेषज्ञ द्वारा चयन प्रक्रिया के अभिलेखों की एक प्रति विश्वविद्यालय को प्राप्त कराई जाए ताकि बाद में उसमें किसी तरह गड़बड़ी न हो सके। उन्होंने टेट और स्लेट की तर्ज पर अखिल भारतीय स्तर की परीक्षा आयोजित कराने का भी सुझाव दिया। कहा कि इसमें सफल अभ्यर्थी को ही भर्ती के लिए अर्ह माना जाना चाहिए। कुलसचिव ने इस आशय का प्रस्ताव राजभवन को भेजने की अनुशंसा भी की है।
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कुलपति को लिखे पत्र में कुलसचिव ने कहा है कि अध्यापकों के चयन में प्रबंधकों द्वारा रिश्वत ली जा रही है। भाई-भतीजावाद के आधार पर नियुक्तियां की जा रही हैं। इसमें सुधार के लिए रिक्त पदों के पर चयन का विज्ञापन तीन राष्ट्रीय अखबारों के तीन अंकों में प्रकाशित कराया जाना चाहिए। चयन प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग कराई जाए। चयन समिति में कम से कम तीन विषय विशेषज्ञ भेजे जाएं, जिनमें दो की सहमति चयन के लिए अनिवार्य हो। वरिष्ठतम विषय विशेषज्ञ द्वारा चयन प्रक्रिया के अभिलेखों की एक प्रति विश्वविद्यालय को प्राप्त कराई जाए ताकि बाद में उसमें किसी तरह गड़बड़ी न हो सके। उन्होंने टेट और स्लेट की तर्ज पर अखिल भारतीय स्तर की परीक्षा आयोजित कराने का भी सुझाव दिया। कहा कि इसमें सफल अभ्यर्थी को ही भर्ती के लिए अर्ह माना जाना चाहिए। कुलसचिव ने इस आशय का प्रस्ताव राजभवन को भेजने की अनुशंसा भी की है।
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