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स्मार्ट सिटी: शुरू हुआ डीपीआर का काम
Updated Thu, 13 Jul 2017 02:19 AM IST
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वाराणसी। स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होने के करीब एक साल बाद काशी में बुनियादी विकास की उम्मीदें परवान चढ़ने लगी हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से 214 करोड़ रुपये जारी होने के बाद स्मार्ट सिटी की डीपीआर तैयार करने का काम शुरू हो गया है। करीब 300 करोड़ रुपये डीपीआर तैयार करने में खर्च होंगे। इसके लिए तीन कंसल्टेंट एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीपीआर तैयार होने में कम से कम ढाई से तीन महीने लगेंगे। योजना से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, पहले चरण में अस्सी से राजघाट तक बुनियादी सुविधाएं बेहतर की जाएंगी। सबसे पहले पेयजल और यातायात प्रबंधन पर काम होगा। यातायात व्यवस्था को बेहतर एवं आधुनिक बनाने के लिए सिटी कमांड कंट्रोल एंड सर्विलांस सेंटर खोला जाएगा।
स्मार्ट सिटी के पहले चरण में पक्का महाल यानी अस्सी से राजघाट तक 1389 एकड़ क्षेत्र को बुनियादी विकास के लिए शामिल किया गया है। यहां यातायात, सड़क, बिजली, पानी, अपराध नियंत्रण, सफाई व्यवस्था सहित कई बिंदुओं पर काम होना है लेकिन पहले यातायात और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। यातायात व्यवस्था को बेहतर एवं आधुनिक बनाने के लिए स्थापित होने वाले सिटी कमांड कंट्रोल एंड सर्विलांस सेंटर से यातायात व्यवस्था की मॉनीटरिंग की जाएगी। गलियों, घाटों, चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होगी।
जर्जर हो चुकी पेयजल पाइप नए सिरे से दुरुस्त की जाएगी। घरों तक पानी समय से पहुंचे, इसकी बेहतर व्यवस्था की जाएगी। सप्लाई के दौरान पानी की बर्बादी को न्यूनतम किया जाएगा। इस पर 285 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्मार्ट सिटी प्रभारी एवं संयुक्त नगर आयुक्त रमेश चंद्र सिंह का कहना है कि पक्के महाल में संकरी गलियों और सड़कों के कारण जाम की समस्या गंभीर है। वहीं जर्जर हो चुकी पेयजल पाइप लाइन नए सिरे से दुरुस्त की जाएंगी। डीपीआर तैयार करने के लिए तीन कंसल्टेंट एजेंसियों को लगाया गया है।
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स्मार्ट सिटी के पहले चरण में पक्का महाल यानी अस्सी से राजघाट तक 1389 एकड़ क्षेत्र को बुनियादी विकास के लिए शामिल किया गया है। यहां यातायात, सड़क, बिजली, पानी, अपराध नियंत्रण, सफाई व्यवस्था सहित कई बिंदुओं पर काम होना है लेकिन पहले यातायात और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। यातायात व्यवस्था को बेहतर एवं आधुनिक बनाने के लिए स्थापित होने वाले सिटी कमांड कंट्रोल एंड सर्विलांस सेंटर से यातायात व्यवस्था की मॉनीटरिंग की जाएगी। गलियों, घाटों, चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होगी।
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जर्जर हो चुकी पेयजल पाइप नए सिरे से दुरुस्त की जाएगी। घरों तक पानी समय से पहुंचे, इसकी बेहतर व्यवस्था की जाएगी। सप्लाई के दौरान पानी की बर्बादी को न्यूनतम किया जाएगा। इस पर 285 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्मार्ट सिटी प्रभारी एवं संयुक्त नगर आयुक्त रमेश चंद्र सिंह का कहना है कि पक्के महाल में संकरी गलियों और सड़कों के कारण जाम की समस्या गंभीर है। वहीं जर्जर हो चुकी पेयजल पाइप लाइन नए सिरे से दुरुस्त की जाएंगी। डीपीआर तैयार करने के लिए तीन कंसल्टेंट एजेंसियों को लगाया गया है।
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