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दो दिन में नहीं हुई बोहनी तो चले गए दुकानदार
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वाराणसी। अतिथियों को प्रदेश का आर्ट एंड क्राफ्ट दिखाने और खरीदारी के लिए टेंट सिटी में वाराणसी, गाजीपुर, भदोही और कानपुर सहित कई जिलों के कुल 28 स्टाल लगाए गए, लेकिन दो दिन में कई की बोहनी तक नहीं हुई। यही नहीं, उनके लिए भोजन, पानी और रुकने की व्यवस्था भी नहीं हुई। इससे निराश छह दुकानदार अपना बोरिया बिस्तर बांध कर चले गए।
मंगलवार की शाम कुछ एनआरआई स्टाल पर पहुंचे और दुकानदारों से कहा कि हम लोग दो दिन से यही हैं और हम लोगों को बताया ही नहीं गया है। आज प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इसका जिक्र किया है, तब हम लोग पहुंचे हैं। इस पर सभी दुकानदार एकत्र होकर आयोजक से मिलने पहुंच गए और शिकायत की। इसके बाद आयोजक ने व्यवस्था सही कराने का निर्देश दिया। कहा कि सभी को इन स्टालों के बारे में मैसेज करा दिया जाएगा।
उधर, टीएफसी में शिल्प उत्पादों के लाइव प्रदर्शन से जुड़े चार स्टॉल लगाए गए हैं। ओडीओपी प्रदर्शनी में कुल 80 स्टाल लगाए गए हैं। इसके अलावा 10 जीआई उत्पाद और सात संभावित उत्पादों के भी स्टाल लगाए गए हैं। जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बताया कि प्रवासी भारतीयों ने ई-मार्केटिंग को लेकर बुनकरों से वार्ता की है। इनमें मुकुंद अग्रवाल, जमालुद्दीन अंसारी, सादाब आलम, अमर नाथ अब्दुल आदि शामिल हैं।
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मंगलवार की शाम कुछ एनआरआई स्टाल पर पहुंचे और दुकानदारों से कहा कि हम लोग दो दिन से यही हैं और हम लोगों को बताया ही नहीं गया है। आज प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इसका जिक्र किया है, तब हम लोग पहुंचे हैं। इस पर सभी दुकानदार एकत्र होकर आयोजक से मिलने पहुंच गए और शिकायत की। इसके बाद आयोजक ने व्यवस्था सही कराने का निर्देश दिया। कहा कि सभी को इन स्टालों के बारे में मैसेज करा दिया जाएगा।
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उधर, टीएफसी में शिल्प उत्पादों के लाइव प्रदर्शन से जुड़े चार स्टॉल लगाए गए हैं। ओडीओपी प्रदर्शनी में कुल 80 स्टाल लगाए गए हैं। इसके अलावा 10 जीआई उत्पाद और सात संभावित उत्पादों के भी स्टाल लगाए गए हैं। जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बताया कि प्रवासी भारतीयों ने ई-मार्केटिंग को लेकर बुनकरों से वार्ता की है। इनमें मुकुंद अग्रवाल, जमालुद्दीन अंसारी, सादाब आलम, अमर नाथ अब्दुल आदि शामिल हैं।
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