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हर हर गंगे हर हर बम-बम
Updated Mon, 25 Jun 2018 02:28 AM IST
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वाराणसी। निर्जला एकादशी पर सुबह से ही गंगा स्नान और दान के लिए श्रद्धालु गंगा तट पर उमड़े। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतार लगी रही। भगवान भास्कर की प्रथम किरणों के साथ स्नान करने वालों की संख्या भी बढ़ती गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी के दिन स्नान करने से पापों का नाश होता है। इसके चलते आम दिनों की तुलना में गंगा घाट पर स्नान करने वालों की अधिक भीड़ रही। वहीं श्री काशी विश्वनाथ जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। राजेंद्र प्रसाद घाट से भक्तों ने 1008 कलशों में गंगा जल लेकर यात्रा की शुरुआत की।
शोभायात्रा में भगवान शिव के स्वरूप सभी के आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। राजेंद्रप्रसाद से गोदौलिया होते हुए छत्ताद्वार से प्रवेश करके भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का गंगा जल से जलाभिषेक किया। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मां गंगा के जल से महादेव का जलाभिषेक करने से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही घर-परिवार में सुख व शांति कायम रहती है। काशी में प्रतिवर्ष निर्जला एकादशी के दिन यह यात्रा निकाली जाती है। रास्ते भर विभिन्न संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए शर्बत और पानी का इंतजाम किया गया था।
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शोभायात्रा में भगवान शिव के स्वरूप सभी के आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। राजेंद्रप्रसाद से गोदौलिया होते हुए छत्ताद्वार से प्रवेश करके भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का गंगा जल से जलाभिषेक किया। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मां गंगा के जल से महादेव का जलाभिषेक करने से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही घर-परिवार में सुख व शांति कायम रहती है। काशी में प्रतिवर्ष निर्जला एकादशी के दिन यह यात्रा निकाली जाती है। रास्ते भर विभिन्न संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए शर्बत और पानी का इंतजाम किया गया था।
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