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हताश और निराश विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं0
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि हताश और निराश विपक्ष के पास कोई मुददा नहीं है। अनावश्यक रूप से संसद को बाधित कर देश का विकास बाधितकर रही है। कांग्रेस के हंगामे के चलते सरकार के नौ महत्वपूर्ण बिल राज्यसभा में पेंडिंग रह गए। कुल 22 कार्य दिवस बाधित रहे। राज्यसभा के 121 घंटे हंगामे के चलते बर्बाद हो गए।
गुरुवार को विपक्ष की ओर से संसद की कार्यवाही बाधित कर लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ने के विरोध में भाजपा की ओर से जिला मुख्यालय पर अनशन किया गया। इसी क्रम में पीएम के संसदीय क्षेत्र में सुबह 10 से शाम चार बजे तक चले अनशन का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा बजट सत्र में व्यवधान के चलते लोकसभा की उत्पादकता 21 प्रतिशत और राज्यसभा की 27 प्रतिशत रही। विपक्ष की भाषा सदन में कुछ और, डिबेट में कुछ और, लिखित में कुछ और होती है।
लोकसभा के एक घंटे के संचालन में 1.57 करोड़ रुपये और राज्यसभा में 1.10 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। लोकसभा में एनडीए का बहुमत है लेकिन राज्यसभा के आंकड़े विपक्ष के पक्ष में हैं। राज्यसभा को संसदीय कार्यों में व्यवधान का फोकस बन गया है। लोकसभा के समय राज्यसभा में केवल छह बिल पेश हो पाए। राज्यसभा में पेश होने वाले विधेयक को स्टैंडिंग समिति, सेलेक्ट समिति के तांत्रिक मुद्दों में फंसाकर बिल को रोकने की कोशिश की गई।
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गुरुवार को विपक्ष की ओर से संसद की कार्यवाही बाधित कर लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ने के विरोध में भाजपा की ओर से जिला मुख्यालय पर अनशन किया गया। इसी क्रम में पीएम के संसदीय क्षेत्र में सुबह 10 से शाम चार बजे तक चले अनशन का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा बजट सत्र में व्यवधान के चलते लोकसभा की उत्पादकता 21 प्रतिशत और राज्यसभा की 27 प्रतिशत रही। विपक्ष की भाषा सदन में कुछ और, डिबेट में कुछ और, लिखित में कुछ और होती है।
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लोकसभा के एक घंटे के संचालन में 1.57 करोड़ रुपये और राज्यसभा में 1.10 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। लोकसभा में एनडीए का बहुमत है लेकिन राज्यसभा के आंकड़े विपक्ष के पक्ष में हैं। राज्यसभा को संसदीय कार्यों में व्यवधान का फोकस बन गया है। लोकसभा के समय राज्यसभा में केवल छह बिल पेश हो पाए। राज्यसभा में पेश होने वाले विधेयक को स्टैंडिंग समिति, सेलेक्ट समिति के तांत्रिक मुद्दों में फंसाकर बिल को रोकने की कोशिश की गई।
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