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16 करोड़ की ठगी का आरोपी दबोचा गया
Updated Wed, 11 Apr 2018 01:24 AM IST
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ज्ञानपुर। कम समय में रकम दोगुनी, चौगुनी करने के लालच देकर लोगों के 16 करोड़ रुपये लेकर फरार हुआ फर्जी फाइनेंस कंपनी का प्रबंधक मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। क्राइम ब्रांच और भदोही पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी प्रबंधक गाजीपुर के गहमर निवासी निरंजन उपाध्याय को ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस लाइन सभागार में एसपी सचिंद्र पटेल ने पत्रकारों के समक्ष गिरफ्तारी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भदोही कोतवाली क्षेत्र के पूरेश्याम निवासी विजय शंकर मौर्य पुत्र तोड़ई राम मौर्य ने कोतवाली में तहरीर दी थी कि भदोही में खोली गई स्ट्रेटएस फाइनेंसियल निधि लिमिटेड कंपनी लोगों से 29 लाख के चेक जमा कराने के बाद कमीशन और ब्याज सहित 36 लाख रुपये लेकर फरार हो गई है। इस मामले में पुलिस ने जालसाजी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच के लिए भदोही सीओ अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में भदोही पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने सर्विलांस के जरिए मंगलवार को कंपनी के प्रबंधक निरंजन उपाध्याय पुत्र श्रीनिवास उपाध्याय, निवासी खुदरा, थाना गमहर, जिला गाजीपुर को ज्ञानपुर रोड स्टेशन से गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि घटना में आरोपी के साथियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्तमान में वह एचडीएफसी बैंक का फाइनेंसियल कार्य करता है। मित्रों के साथ वर्ष 2013 में भदोही के दिव्या लॉन में उसने फाइनेंस कंपनी खोली थी। कम समय दो रकम दोगुनी और चौगुनी करने का लालच देकर करीब तीन साल में 16 करोड़ से अधिक धनराशि जमा कराने के बाद 2016 में कंपनी बंद कर वह फरार हो गया था। उसने बताया कि निवेशकों का पैसा आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, इंडसइंड बैंक और केनरा बैंक में कंपनी के खाते में जमा किया जाता था। गिरफ्तारी टीम में मनोज पांडेय, नवीन तिवारी, सुरेश सिंह, इमरान खान, राधेश्याम कुशवाहा, नरेंद्र सिंह आदि रहे।
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पुलिस लाइन सभागार में एसपी सचिंद्र पटेल ने पत्रकारों के समक्ष गिरफ्तारी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भदोही कोतवाली क्षेत्र के पूरेश्याम निवासी विजय शंकर मौर्य पुत्र तोड़ई राम मौर्य ने कोतवाली में तहरीर दी थी कि भदोही में खोली गई स्ट्रेटएस फाइनेंसियल निधि लिमिटेड कंपनी लोगों से 29 लाख के चेक जमा कराने के बाद कमीशन और ब्याज सहित 36 लाख रुपये लेकर फरार हो गई है। इस मामले में पुलिस ने जालसाजी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच के लिए भदोही सीओ अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में भदोही पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने सर्विलांस के जरिए मंगलवार को कंपनी के प्रबंधक निरंजन उपाध्याय पुत्र श्रीनिवास उपाध्याय, निवासी खुदरा, थाना गमहर, जिला गाजीपुर को ज्ञानपुर रोड स्टेशन से गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि घटना में आरोपी के साथियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्तमान में वह एचडीएफसी बैंक का फाइनेंसियल कार्य करता है। मित्रों के साथ वर्ष 2013 में भदोही के दिव्या लॉन में उसने फाइनेंस कंपनी खोली थी। कम समय दो रकम दोगुनी और चौगुनी करने का लालच देकर करीब तीन साल में 16 करोड़ से अधिक धनराशि जमा कराने के बाद 2016 में कंपनी बंद कर वह फरार हो गया था। उसने बताया कि निवेशकों का पैसा आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, इंडसइंड बैंक और केनरा बैंक में कंपनी के खाते में जमा किया जाता था। गिरफ्तारी टीम में मनोज पांडेय, नवीन तिवारी, सुरेश सिंह, इमरान खान, राधेश्याम कुशवाहा, नरेंद्र सिंह आदि रहे।
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