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दिन में राहत, सुबह-शाम बढ़ी गलन और ठंडक
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:09 AM IST
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वाराणसी। पछुआ हवाओं की धीमी रफ्तार के चलते वृहस्पतिवार को दिन में गलन और ठंड में कमी आई। दिन में हल्की धूप खिलने से भी लोगों को राहत मिली। मगर शाम होते ही गलन और ठंड ने कंपकंपी बढ़ा दी। सुबह और शाम की गलन और ठंडक से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल है।
बाबतपुर मौसम कार्यालय के अनुसार वृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 23.2 और न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। मौसम विज्ञानी कहना है कि फिलहाल मौसम में इसी तरह का उतार-चढ़ाव होता रहेगा। जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोप बन रहा है। उसका असर अभी पूर्वांचल में नहीं है लेकिन बारिश हुई तो ठंड और बढ़ सकती है। वहीं पहाड़ों पर बर्फबारी से भी गलन और तेज होगी।
वहीं बीएचयू के कृषि विज्ञानी प्रो. आरपी सिंह का कहना है कि खेती के लिहाज से मौसम से ठीक है लेकिन आगे इसी तरह ठंड कम पड़ी तो गेहूं के लिए नुकसान होगा। इससे दाने हल्के होंगे और पैदावार में कमी आएगी। खासतौर से धान की फसल के बाद जिन खेतों में गेहूं की बोवाई अब हुई है, उसे ठंड की जरूरत होगी। ठंड जल्दी चली गई तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
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बाबतपुर मौसम कार्यालय के अनुसार वृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 23.2 और न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। मौसम विज्ञानी कहना है कि फिलहाल मौसम में इसी तरह का उतार-चढ़ाव होता रहेगा। जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोप बन रहा है। उसका असर अभी पूर्वांचल में नहीं है लेकिन बारिश हुई तो ठंड और बढ़ सकती है। वहीं पहाड़ों पर बर्फबारी से भी गलन और तेज होगी।
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वहीं बीएचयू के कृषि विज्ञानी प्रो. आरपी सिंह का कहना है कि खेती के लिहाज से मौसम से ठीक है लेकिन आगे इसी तरह ठंड कम पड़ी तो गेहूं के लिए नुकसान होगा। इससे दाने हल्के होंगे और पैदावार में कमी आएगी। खासतौर से धान की फसल के बाद जिन खेतों में गेहूं की बोवाई अब हुई है, उसे ठंड की जरूरत होगी। ठंड जल्दी चली गई तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
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