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काशी में बनेगा प्रवासी भवन
Updated Fri, 27 Oct 2017 01:42 AM IST
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वाराणसी। मॉरीशस के राजदूत जगदीश गोवर्धन ने काशी में प्रवासी भवन बनाने का प्रस्ताव रखा है। गुरुवार को मलदहिया स्थित सिंह निकेतन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने ये जानकारी साझा की।
बताया कि बीते 21 अक्तूबर को इस संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उन्होंने मुलाकात की थी। बताया कि बिहार में बने भोजपुरी एकेडमी की तर्ज पर ही काशी में प्रवासी भवन की नींव रखी जाएगी। इसके लिए काशी में जगह की तलाश शुरू कर दी गई है।
27 अक्तूबर से शुरू होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शिरकत करने आए राजदूत ने बताया कि इस प्रवासी भवन में विदेशों में बसे अपने भाई बहन आकर शिक्षा ले सकेंगे। आपस में अपने अनुभव साझा करेंगे और विभिन्न विषयों पर मिलकर शोध कर सकेंगे। उन्होंने यूपी में स्मार्ट विलेज बनाने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि बताया कि गिरमिटिया मजदूर के रूप में अप्रवासी भारतीय विश्व के कई देशों में बसे हैं।
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इन्होंने अपनी भोजपुरी भाषा, संस्कृति और कला को आज भी वैसे ही संजोकर रखा है। उनकी आने वाली पीढ़ी उसकी संस्कृति, भाषा और कला के साथ ही पल्लवित और पोषित हो। इंडियन डायस्पोरा के महामंत्री डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि 27 से शुरू होने वाले प्रवासी सम्मेलन बनारस में करने का यही उद्देश्य है कि दुनिया भर के लोग एक मंच पर आएं। भाषा, संस्कृति और सभ्यता को समृद्ध बनाने में अपना योगदान दें।
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बताया कि बीते 21 अक्तूबर को इस संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उन्होंने मुलाकात की थी। बताया कि बिहार में बने भोजपुरी एकेडमी की तर्ज पर ही काशी में प्रवासी भवन की नींव रखी जाएगी। इसके लिए काशी में जगह की तलाश शुरू कर दी गई है।
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27 अक्तूबर से शुरू होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शिरकत करने आए राजदूत ने बताया कि इस प्रवासी भवन में विदेशों में बसे अपने भाई बहन आकर शिक्षा ले सकेंगे। आपस में अपने अनुभव साझा करेंगे और विभिन्न विषयों पर मिलकर शोध कर सकेंगे। उन्होंने यूपी में स्मार्ट विलेज बनाने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि बताया कि गिरमिटिया मजदूर के रूप में अप्रवासी भारतीय विश्व के कई देशों में बसे हैं।
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इन्होंने अपनी भोजपुरी भाषा, संस्कृति और कला को आज भी वैसे ही संजोकर रखा है। उनकी आने वाली पीढ़ी उसकी संस्कृति, भाषा और कला के साथ ही पल्लवित और पोषित हो। इंडियन डायस्पोरा के महामंत्री डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि 27 से शुरू होने वाले प्रवासी सम्मेलन बनारस में करने का यही उद्देश्य है कि दुनिया भर के लोग एक मंच पर आएं। भाषा, संस्कृति और सभ्यता को समृद्ध बनाने में अपना योगदान दें।