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गजल संग्रह का विमोचन
Updated Fri, 06 Oct 2017 01:23 AM IST
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मुगलसराय। डॉ माधुरी तिवारी ‘गेसू’ के गजल संग्रह ‘शब-ए-फुरकत’ का लोकार्पण गुरुवार को नगर स्थित एक रेस्तरां में हुआ । इस अवसर पर मुख्य अतिथि ओमप्रकाश चौबे ओम धीरज ने कहा कि भाग दौड़ की जिंदगी में साहित्य साधना यदि कोई करता है तो वह महान कार्य कर रहा है।
कहा कि गेसू ने मानव जीवन के दर्द को प्रेरणा का स्रोत बनाया और उसे अपनी ताकत के रूप में प्रस्तुत किया। यह दर्द का सकारात्मक उपयोग है। संस्कृत की विदुषी होने के बावजूद उर्दू में गजल लिखना गेसू की बहुत बड़ी उपलब्धि है। दर्द की परछाईयां व हरश्रंगार के बाद शब-ए-फुरकत तीसरी किताब है जिसका लोकार्पण कर हम सभी खुश हैं। विशिष्ट अतिथि एवं पुस्तक के सम्पादक एल उमाशंकर सिंह ने कहा कि गेसू दर्द व रोमांस पर ही अपनी कलम चलाती हैं और उनके लिए मानवीय संबंध दुनिया की सबसे आवश्यक निधि है। मध्यकालीन रूमानी कहानियों की तरह ही बिरह की व्यथा को गेसू ने मोहब्बत की कथा माना है और यही कारण है कि गेसू की गजलें बिरही होते हुए भी मिलन की तासीर देती हैं। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद्रा ने कहा कि श्रीमती गेसू ने अपने अनुभव संसार का जबरदस्त निरुपण अपनी गजलों में किया है। उन्होंने दर्द में सुकून को ढूंढा है और भावनाओं की चासनी में लपेटकर गजलों को परोसा । इस अवसर पर सुधीर पांडेय, विनय कुमार वर्मा, विकास शर्मा, संजय सिंह, राजकुमार जायसवाल, अंजली, सीमा पांडेय, रेशमा खानम, प्रतिभा यादव, अल्तमस, हरिदास, विजय कुमार, रागिनी यादव, रिजवान सिद्दीकी, सुधीर भास्कर, ललित जायसवाल, दीपक श्रीवास्तव आदि साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन डॉ अनिल यादव ने किया।
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