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सब कुछ खत्म हो गया, अब किसके लिए जियेंगे
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सब कुछ खत्म हो गया, अब किसके लिए जीयेंगे
- इकलौते बेटे चंदन की हत्या के बाद मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। दौलतपुर निवासी लालबहादुर सिंह के घर में इकलौते बेटे चंदन सिंह की हत्या के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल था। 65 वर्षीय लालबहादुर ने कहा कि हमारा सब कुछ खत्म हो गया। बुढ़ापे में अब किसके लिए और किसके सहारे जियेंगे। चंदन की इस मासूम बच्ची का क्या होगा।
उधर, चंदन की बेटी नित्या वारदात को समझ नहीं पा रही थी। नित्या पुलिसकर्मियों से बस इतना ही कह रही थी कि मामा और मौसी आए तो मम्मी जोर-जोर से बोलने लगी। फिर कुछ आवाज हुई और हमारे पापा सीढ़ी के पास जमीन पर गिरे हुए थे। पापा के सिर से ढेर सारा खून बह रहा था। परिजनों ने बताया कि चंदन की मां इंद्रावती देवी इन दिनों गांव गई हुई हैं। उन्हें बनारस बुला लिया गया है लेकिन चंदन की हत्या की जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, वारदात की जानकारी पाकर चंदन की सारनाथ में रहने वाली बड़ी बहन और बहनोई सहित अन्य रिश्तेदार घर पहुंचे। उधर, चंदन की हत्या के बाद उनके शव के साथ उनकी पत्नी प्रिया बीएचयू में थी।
पति-पत्नी के विवाद में क्या ऐसा भी होता है
चंदन की हत्या की जानकारी पाकर उसके घर पर दौलतपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की भारी भीड़ जुट गई थी। लोगों का कहना था कि क्या पति और पत्नी के घरेलू विवाद में ऐसा भी होता है। चंदन की हत्या से मुहल्ले के लोग भी खासे गमगीन दिखे। वहीं, आसपास के लोगों के अनुसार मृत्युंजय और उसकी बहन सहित चारों लोग बमुश्किल पांच से सात मिनट चंदन के घर में ठहरे होंगे। इतने अल्प समय में ही कहासुनी के बाद फायरिंग हुई और चंदन की जान चली गई।
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वारदात के बाद पिस्टल छोड़ कर क्यों भागे
चंदन की हत्या के बाद मृत्युंजय सहित अन्य चार आरोपी घटनास्थल पर पिस्टल क्यों छोड़ गए, इस सवाल को लेकर पुलिस भी उलझी रही। कुछेक लोगों ने आशंका जताई कि कहीं रोज-रोज की किचकिच से आजिज आकर चंदन ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या तो नहीं कर ली। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि पिस्टल को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज कर आरोपियों के फिंगर प्रिंट का मिलान कराया जाएगा।
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- इकलौते बेटे चंदन की हत्या के बाद मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। दौलतपुर निवासी लालबहादुर सिंह के घर में इकलौते बेटे चंदन सिंह की हत्या के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल था। 65 वर्षीय लालबहादुर ने कहा कि हमारा सब कुछ खत्म हो गया। बुढ़ापे में अब किसके लिए और किसके सहारे जियेंगे। चंदन की इस मासूम बच्ची का क्या होगा।
उधर, चंदन की बेटी नित्या वारदात को समझ नहीं पा रही थी। नित्या पुलिसकर्मियों से बस इतना ही कह रही थी कि मामा और मौसी आए तो मम्मी जोर-जोर से बोलने लगी। फिर कुछ आवाज हुई और हमारे पापा सीढ़ी के पास जमीन पर गिरे हुए थे। पापा के सिर से ढेर सारा खून बह रहा था। परिजनों ने बताया कि चंदन की मां इंद्रावती देवी इन दिनों गांव गई हुई हैं। उन्हें बनारस बुला लिया गया है लेकिन चंदन की हत्या की जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, वारदात की जानकारी पाकर चंदन की सारनाथ में रहने वाली बड़ी बहन और बहनोई सहित अन्य रिश्तेदार घर पहुंचे। उधर, चंदन की हत्या के बाद उनके शव के साथ उनकी पत्नी प्रिया बीएचयू में थी।
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पति-पत्नी के विवाद में क्या ऐसा भी होता है
चंदन की हत्या की जानकारी पाकर उसके घर पर दौलतपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की भारी भीड़ जुट गई थी। लोगों का कहना था कि क्या पति और पत्नी के घरेलू विवाद में ऐसा भी होता है। चंदन की हत्या से मुहल्ले के लोग भी खासे गमगीन दिखे। वहीं, आसपास के लोगों के अनुसार मृत्युंजय और उसकी बहन सहित चारों लोग बमुश्किल पांच से सात मिनट चंदन के घर में ठहरे होंगे। इतने अल्प समय में ही कहासुनी के बाद फायरिंग हुई और चंदन की जान चली गई।
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वारदात के बाद पिस्टल छोड़ कर क्यों भागे
चंदन की हत्या के बाद मृत्युंजय सहित अन्य चार आरोपी घटनास्थल पर पिस्टल क्यों छोड़ गए, इस सवाल को लेकर पुलिस भी उलझी रही। कुछेक लोगों ने आशंका जताई कि कहीं रोज-रोज की किचकिच से आजिज आकर चंदन ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या तो नहीं कर ली। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि पिस्टल को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज कर आरोपियों के फिंगर प्रिंट का मिलान कराया जाएगा।